उत्तराखण्ड
उत्तराखंड भाजपा का ‘मिशन 2027’: सभी 70 विधानसभाओं में कोर कमेटियां गठित, बूथ स्तर पर चुनावी किलेबंदी शुरू

अजय सिंह
उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 में सत्ता बरकरार रखने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने जमीनी स्तर पर अपनी किलेबंदी तेज कर दी है। केंद्रीय आलाकमान के दिशा-निर्देशों के तहत प्रदेश की सभी 70 विधानसभा सीटों पर विशेष ‘कोर कमेटियों’ का गठन कर उनकी रणनीतिक बैठकें शुरू कर दी गई हैं। इन बैठकों का मुख्य एजेंडा संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करना और सरकार की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाना है।
कमेटी में स्थानीय कप्तानों को कमान भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने इस सांगठनिक कदम की जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक विधानसभा की कोर कमेटी को बेहद व्यापक और समावेशी बनाया गया है। इस समिति में स्थानीय सांसद, विधायक, प्रदेश स्तर के पदाधिकारी, महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख, सरकार में दायित्वधारी और सभी मंडल अध्यक्षों को अनिवार्य रूप से शामिल किया गया है। स्थानीय परिस्थितियों और भौगोलिक आवश्यकताओं को देखते हुए इन कमेटियों की सदस्य संख्या में लचीलापन रखा गया है।
चौहान ने स्पष्ट किया कि आगामी विधानसभा चुनाव संपन्न होने तक ये कोर कमेटियां ही पार्टी के सभी स्थानीय कार्यक्रमों, जनसंपर्क अभियानों और चुनावी रणनीतियों के क्रियान्वयन की मुख्य धुरी होंगी।
शीर्ष नेतृत्व और बूथ कार्यकर्ताओं में सीधा समन्वय सांगठनिक बैठकों के दौर पर बात करते हुए भाजपा प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने कहा कि इन कोर कमेटियों का प्राथमिक उद्देश्य सांगठनिक गतिविधियों में तेजी लाना और वर्ष 2027 की चुनावी तैयारियों को मजबूत आधार देना है। सभी 70 विधानसभाओं में बैठकों का सिलसिला शुरू हो चुका है, जहाँ मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर मंथन किया जा रहा है:
स्थानीय मुद्दों का त्वरित समाधान।
प्रभावी बूथ प्रबंधन।
केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अंतिम छोर तक प्रचार।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा का यह कदम आंतरिक गुटबाजी को समाप्त करने और टिकट वितरण से पहले जमीनी फीडबैक हासिल करने का एक प्रभावी जरिया बनेगा। शीर्ष नेतृत्व से लेकर सीधे बूथ स्तर के कार्यकर्ता को इस श्रृंखला से जोड़कर पार्टी ने चुनावी समर में विपक्ष पर शुरुआती बढ़त बनाने का प्रयास किया है।
