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निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ उच्च शिक्षा की गुणवत्ता पर मंथन
निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ उच्च शिक्षा की गुणवत्ता पर मंथन



देहरादून। लोक भवन में आज उत्तराखण्ड के स्व-वित्तपोषित (निजी) विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ बैठक आयोजित हुई। बैठक में प्रदेश में उच्च शिक्षा को अधिक गुणवत्तापूर्ण, नवाचारपरक और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने को लेकर सार्थक चर्चा हुई।
बैठक में कहा गया कि विश्वविद्यालयों की भूमिका केवल डिग्री प्रदान करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों को रोजगार, उद्योग, समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए सक्षम बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। नई शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों, संस्कार, चरित्र निर्माण तथा युवाओं को सकारात्मक दिशा देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
उत्तराखण्ड की आवश्यकताओं और संभावनाओं से जुड़े विषयों पर शोध को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। विश्वविद्यालयों को रिसर्च, पब्लिकेशन, साइटेशन और पेटेंट के साथ-साथ शोध परिणामों के व्यावसायीकरण की दिशा में भी प्रभावी प्रयास करने के लिए प्रेरित किया गया।
बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, स्पेस टेक्नोलॉजी, साइबर तकनीक और मेटावर्स जैसे उभरते क्षेत्रों में अध्ययन एवं अनुसंधान को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। कहा गया कि इन क्षेत्रों में बेहतर अकादमिक एवं शोध वातावरण तैयार कर राज्य के विश्वविद्यालय विकसित उत्तराखण्ड और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
सभी विश्वविद्यालयों के बीच आपसी सहयोग एवं समन्वय से मजबूत अकादमिक और शोध इकोसिस्टम विकसित करने की आवश्यकता भी रेखांकित की गई, ताकि ज्ञान और नवाचार का लाभ विद्यार्थियों, समाज, उद्योग और प्रदेश के विकास तक प्रभावी रूप से पहुंच सके।





