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उत्तराखण्ड

नई शिक्षा नीति पर विद्यार्थियों ने दिए तर्कपूर्ण तर्क, हर्षिता और किरण रहीं अव्वल

 

गुरुड़ाबांज महाविद्यालय में वाद-विवाद एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित, 60 से अधिक छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा

 

राजकीय महाविद्यालय गुरुड़ाबांज में अखिल भारतीय शिक्षा समागम के अंतर्गत राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 विषय पर वाद-विवाद एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में 60 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए नई शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे।

प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षा के बदलते स्वरूप, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, रोजगारपरक शिक्षा, मातृभाषा, समावेशी शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तथा मूल्य आधारित शिक्षा जैसे विषयों पर पक्ष और विपक्ष में तर्क प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने अपने विचारों के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा नीति की संभावनाओं के साथ ही इसके क्रियान्वयन से जुड़ी चुनौतियों को भी सामने रखा।

कार्यक्रम के संयोजक डॉ. गगन प्रीत सिंह ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों एवं विभिन्न आयामों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उन्हें कौशल, रचनात्मकता, नवाचार और व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. प्रणीता नंद ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति विद्यार्थियों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने पर केंद्रित है। उन्होंने कौशल आधारित शिक्षा, दक्षता आधारित मूल्यांकन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोजगारपरक शिक्षा को वर्तमान समय की महत्वपूर्ण जरूरत बताया।

प्रतियोगिता के पक्ष में भाषण में हर्षिता आर्य ने प्रथम, स्वामी ने द्वितीय और सपना बिष्ट ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं विपक्ष में भाषण प्रतियोगिता में किरण प्रथम, अभिलाषा आर्य द्वितीय तथा ममता बिष्ट तृतीय स्थान पर रहीं।

निर्णायक मंडल में डॉ. भानु प्रताप सिंह एवं श्री सुनील कुमार ने भूमिका निभाई। इस अवसर पर डॉ. भानु प्रताप सिंह, श्री देवेंद्र कुमार, श्री सुनील कुमार, डॉ. किरन बाला सहित महाविद्यालय के समस्त कर्मचारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ उनके तार्किक एवं आलोचनात्मक चिंतन, अभिव्यक्ति और संवाद कौशल को विकसित करना रहा। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता और उत्साह देखने को मिला।

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