उत्तराखण्ड
ज्योलिकोट में जलजनित रोगों की खबरों पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, मौके पर पहुंचकर की जांच
ज्योलिकोट में जलजनित रोगों की खबरों पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, मौके पर पहुंचकर की जांच


नैनीताल, 13 अगस्त 2026। ज्योलिकोट क्षेत्र में दूषित पानी से लोगों के बीमार होने और एक विद्यालय के 20 छात्रों में जलजनित रोग के लक्षण पाए जाने संबंधी खबरों का स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल संज्ञान लिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी, नैनीताल डॉ. रश्मि पंत के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ज्योलिकोट पहुंचकर विद्यालय का निरीक्षण किया और पूरे मामले की जानकारी जुटाई।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विद्यालय पहुंचकर प्रधानाचार्य डॉ. सूर्य प्रकाश से छात्रों के स्वास्थ्य संबंधी स्थिति की जानकारी ली। प्रधानाचार्य ने बताया कि विद्यालय में करीब 630 छात्र अध्ययनरत हैं और यह पूर्ण रूप से आवासीय विद्यालय है। उनके अनुसार 4 अगस्त को एक छात्र के जलजनित रोग से ग्रसित होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद 10 अगस्त तक कुल 20 छात्रों में जलजनित रोग के लक्षण पाए गए। संबंधित छात्रों की स्वास्थ्य एवं प्रयोगशाला जांच विद्यालय से अनुबंधित निजी पैथोलॉजी लैब तथा निजी अस्पताल के माध्यम से कराई गई।
विद्यालय प्रशासन के अनुसार 13 अगस्त को विद्यालय बंद कर दिया गया, जिसके बाद छात्र अपने घरों तथा कुछ अन्य राज्यों में चले गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम के पहुंचने के समय विद्यालय परिसर में कोई छात्र मौजूद नहीं था। प्रधानाचार्य ने बताया कि विद्यालय अब 31 अगस्त को पुनः खोला जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने कहा कि मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए निजी पैथोलॉजी लैब और निजी चिकित्सालय से भी संबंधित जानकारी प्राप्त की जाएगी। संभावित संक्रमण के स्रोत का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विद्यालय परिसर से पेयजल के नमूने तथा ब्लड सैंपल एकत्र किए हैं। पानी के नमूने आवश्यक जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद पेयजल की गुणवत्ता और संभावित संक्रमण के स्रोत का आकलन किया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
वर्षा काल में जलजनित रोगों से बचाव की अपील
सीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने कहा कि वर्षा काल में दूषित पेयजल के कारण पीलिया, डायरिया, उल्टी और टाइफाइड सहित विभिन्न जलजनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से केवल स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पानी को उबालकर अथवा निर्धारित विधि से शुद्ध करने के बाद ही पीना चाहिए और पेयजल को हमेशा ढककर रखना चाहिए।
उन्होंने लोगों से जलजनित रोगों के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की भी अपील की।
ज्योलिकोट समेत आसपास के क्षेत्रों में चलाया जागरूकता अभियान
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ज्योलिकोट से लगे सरियाताल, वीरभट्टी और आसपास के क्षेत्रों में भी जागरूकता एवं निगरानी अभियान चलाया। इस दौरान क्षेत्रवासियों को जलजनित रोगों से बचाव, सुरक्षित पेयजल के उपयोग और व्यक्तिगत स्वच्छता के संबंध में जानकारी दी गई। टीम द्वारा लोगों को जिंक एवं ओआरएस का वितरण भी किया गया।
अभियान के दौरान प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. गर्वित, एपिडेमियोलॉजिस्ट नंदन कांडपाल, माइक्रोबायोलॉजी विशेषज्ञ प्रियंका धोनी, एएनएम दया चौहान, एएनएम किरण परिहार तथा आईईसी अधिकारी दीवान बिष्ट सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रही। विद्यालय की ओर से प्रधानाचार्य डॉ. सूर्य प्रकाश, डॉ. माधव त्रिपाठी, अक्षय यादव एवं विक्रांत चौधरी ने सहयोग प्रदान किया।
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, जनपद नैनीताल





