उत्तराखण्ड
नैनीताल में सेवा पखवाड़े का शुभारंभ, वृहद स्वास्थ्य शिविर में 631 लोगों ने उठाया स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ
नैनीताल
सेवा पखवाड़े के तहत आयोजित वृहद स्वास्थ्य शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। शिविर में रक्तचाप एवं रक्त शर्करा (शुगर) की जांच, मुख स्वास्थ्य परीक्षण, गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व (एएनसी) जांच, टीबी स्क्रीनिंग, स्वैच्छिक रक्तदान, आभा आईडी निर्माण तथा आयुष्मान कार्ड बनाने जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। साथ ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी देकर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि शिविर में कुल 631 लाभार्थियों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्राप्त किया। इनमें 308 लोगों का रक्तचाप परीक्षण, 246 लोगों की रक्त शर्करा जांच, 83 लोगों का मुख स्वास्थ्य परीक्षण, 35 गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच तथा 14 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की गई। इसके अलावा 19 लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान किया, 132 लाभार्थियों की आभा आईडी बनाई गई, 5 आयुष्मान कार्ड जारी किए गए तथा 100 लोगों की रक्त जांच भी की गई।
कार्यक्रम में विधायक सरिता आर्या, मंडल अध्यक्ष नितिन कार्की, भारत सिंह मेहरा, विधानसभा सोशल मीडिया संयोजक कविता गंगोला, जीवंती भट्ट, अमिता साह, मीरा बिष्ट, हेमलता पांडे, रश्मि सिराला, अध्या जायसवाल, हरीश राणा, मोहित लाल साह, निखिल बिष्ट, विकास जोशी, नगर पालिका अध्यक्ष सरस्वती खेतवाल, सभासद मनोज साह जगाती, ललिता दफौटी, करन साह सहित भारतीय जनता पार्टी के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इस दौरान अपर जिलाधिकारी विवेक राय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. द्रोपदी गर्बयाल, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एनएचएम) डॉ. संजीव खर्कवाल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (एनएचएम) मदन मेहरा, डाटा मैनेजर पंकज तिवारी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि सेवा पखवाड़े के दौरान पूरे जनपद में स्वास्थ्य जागरूकता एवं जनकल्याणकारी स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सकें और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रति जन-जागरूकता को और मजबूत बनाया जा सके।
