उत्तराखण्ड
हल्द्वानी: जिलाधिकारी ने तीनपानी बाईपास पर सड़क सुरक्षा के लिए कड़े निर्देश दिए
हल्द्वानी
हल्द्वानी 18 जुलाई 2026 — जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में आज जिलाधिकारी कैंप कार्यालय हल्द्वानी में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में हाल ही में तीनपानी बाईपास मार्ग पर लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं की गंभीरता पर विचार करते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने ब्लैक स्पॉट (दुर्घटना-सम्भव स्थल) की पहचान कर उन्हें तुरंत सुधारने, सड़कों पर स्पष्ट साइन-बोर्ड और स्पीड ब्रेकर लगाने तथा ओवरस्पीडिंग पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया। उन्होंने रात के समय विजिबिलिटी बढ़ाने के लिए सेंसर-युक्त एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने, परावर्तक (रिफ्लेक्टिव) साइनिंग बोर्ड और कैमरा लगाने तथा सड़कों पर रम्बल स्ट्रिप की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए, ताकि वाहन चालकों की गति नियंत्रित होकर हादसों में कमी लाई जा सके।
बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन के लिए जिलाधिकारी ने तत्काल कार्यवाही के आदेश एनएच एवं एनएचएआई के अधिकारियों को मौके पर दिए। उन्होंने पुलिस विभाग को पीक आवर्स में पेट्रोलिंग बढ़ाने तथा परिवहन विभाग को सप्ताह में कम से कम दो दिनों तक ओवरस्पीड और रॉन्ग साइड चलने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। रॉन्ग साइड से वाहन चलाने वालों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान, लाइसेंस निलंबन, वाहन सीज और भारतीय दंड संहिता की धारा 281 के तहत कड़ी वैधानिक कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया।
जिलाधिकारी ने संवेदनशील मार्गों व चिन्हित ब्लैक-स्पॉट का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने का आग्रह करते हुए कहा कि क्रैश बैरियर, चेतावनी बोर्ड, पैराफिट निर्माण व गति सीमा नियंत्रण को तत्काल लागू किया जाए। कोसी, अमृतपुर व गौला क्षेत्र में खनिज वाहनों से क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत हेतु 10 लाख रुपये की धनराशि खनिज न्याय निधि से स्वीकृत की गई है। लोनिवि के अधिकारियों को उन मार्गों की त्वरित मरम्मत का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री की पीएम-राहत योजना का भी हवाला देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल किसी भी व्यक्तिको दुर्घटना के दिन से 7 दिनों तक अथवा 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार प्रदान किया जाएगा। सड़क सुरक्षा के तहत दोपहिया वाहन चालकों में हेलमेट जागरूकता बढ़ाने के दृष्टिगत जिलाधिकारी स्वयं सड़क पर पहुंचकर बिना हेलमेट दोपहिया चला रहे व्यक्तियों का चालान कराया और परिवहन विभाग द्वारा उन्हें हेलमेट भी वितरित करवाए। जिलाधिकारी ने स्वयं हेलमेट पहनाकर आगे से बिना हेलमेट वाहन न चलाने की हिदायत दी और अभिभावकों से अपील की कि वे किसी भी दशा में नाबालिगों को वाहन चलाने की अनुमति न दें।
बैठक में पुलिस अधीक्षक यातायात जगदीश चंद्र, संभागीय परिवहन अधिकारी अरविन्द पाण्डे, सचिव विकास प्राधिकरण मनीष कुमार, नगर आयुक्त परितोष वर्मा, अधिशासी अभियंता लोनिवि रतनेश सक्सेना, आरटीओ रामनगर पंकज श्रीवास्तव, प्रत्यूष सिंह सहित एनएच, एनएचएआई, नगर निगम व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


