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उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय में जुलाई सत्र 2026 के प्रवेश 1 जुलाई से शुरू, 10 अगस्त तक होंगे आवेदन

 

हल्द्वानी 30 जून। उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू), हल्द्वानी में जुलाई सत्र 2026 की प्रवेश प्रक्रिया 1 जुलाई से प्रारम्भ होगी। इस संबंध में मंगलवार को विश्वविद्यालय के अतिथि गृह सभागार में कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी की अध्यक्षता में आयोजित प्रेस वार्ता में नए शैक्षणिक सत्र, नए पाठ्यक्रमों, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप लागू की गई सुविधाओं तथा प्रवेश प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी साझा की गई।

कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया 1 जुलाई से 10 अगस्त 2026 तक चलेगी। विश्वविद्यालय इस सत्र में 15 स्नातक, 35 स्नातकोत्तर, 16 डिप्लोमा और 29 प्रमाण-पत्र कार्यक्रमों में प्रवेश देगा। साथ ही डिप्लोमा इन भगवद्गीता स्टडीज़ तथा मानवाधिकार प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम नए कार्यक्रमों के रूप में शुरू किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बीएलआईएस (BLIS) एवं बी.एड. (ODL) में प्रवेश प्रक्रिया यूजीसी-डीईबी की इंटरफेस बैठक में लिए गए निर्णय के बाद शुरू होगी।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विश्वविद्यालय ने कई छात्र-हितैषी प्रावधान लागू किए हैं। अब सभी सेमेस्टर आधारित पाठ्यक्रमों में सेमेस्टरवार शुल्क जमा करने की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे विद्यार्थियों पर एकमुश्त आर्थिक भार कम होगा। इसके अलावा पाठ्यक्रम पूरा करने वाले सभी विद्यार्थी स्वतः विश्वविद्यालय के एलुमनाई (पूर्व छात्र) के रूप में पंजीकृत होंगे तथा विद्यार्थियों के अधिगम का मूल्यांकन ब्लूम्स टैक्सोनॉमी के आधार पर किया जाएगा।

प्रो. लोहनी ने बताया कि एमबीए, एमसीए, एमटीटीएम, बी.एड. स्पेशल एजुकेशन, एम.एड. स्पेशल एजुकेशन, बी.ए. योग (ऑनर्स) तथा एम.ए. योग कार्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन भी 1 जुलाई से विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रवेश के लिए DEB-ID और ABC-ID बनाना अनिवार्य होगा। साथ ही विद्यार्थियों को क्रेडिट मोबिलिटी, मल्टीपल एंट्री और मल्टीपल एग्जिट जैसी राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 आधारित सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा।

विश्वविद्यालय ने बताया कि प्रदेशभर में संचालित 144 शिक्षार्थी सहायता केंद्र (LSCs) विद्यार्थियों को शैक्षणिक सहयोग प्रदान करेंगे। इसके अतिरिक्त सैनिकों और जेल बंदियों के लिए भी विशेष शिक्षार्थी सहायता केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, ताकि गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंच सके।

विद्यार्थी हित में विश्वविद्यालय ने कई शुल्क रियायतें भी लागू की हैं। थर्ड जेंडर के विद्यार्थियों के लिए पूर्ण शुल्क माफी, बीएससी एवं एमएससी के प्रायोगिक विषयों में कार्यशाला शुल्क पर 30 प्रतिशत छूट, ई-एसएलएम (eSLM) विकल्प चुनने वाले विद्यार्थियों के लिए कार्यक्रम शुल्क में 15 प्रतिशत छूट तथा ऑनलाइन प्रवेश के दौरान या विश्वविद्यालय की वेबसाइट से आवेदन करते समय प्रिंट अध्ययन सामग्री (Print SLM) चुनने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने कहा कि उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण व्यवस्था और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं रोजगारोन्मुख उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने प्रदेश एवं देशभर के इच्छुक विद्यार्थियों से जुलाई सत्र 2026 में प्रवेश लेकर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ उठाने की अपील की।

प्रेस वार्ता में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

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