उत्तराखण्ड
याद ए हुसैन: मुस्लिम समाज ने पेश की इंसानियत की मिसाल — जामा मस्जिद अल्मोड़ा में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर, 22 यूनिट रक्त संग्रहित

शिविर में कुल 30 लोगों की प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच की गई, जिनमें से चिकित्सकीय मानकों पर पूर्णतः स्वस्थ पाए गए 22 लोगों ने रक्तदान कर समाज सेवा का उदाहरण पेश किया। आयोजन की व्यवस्थाएँ अल अंजुमन सेवा समिति के नूर करम खान व जामा मस्जिद के मुतवल्ली रज़ा अली अंसारी के नेतृत्व में संचालित की गईं।
कार्यक्रम में अल अंजुमन सेवा समिति के पूर्व अध्यक्ष उमर हुसैन, असलम एडवोकेट, राजा खान, शाहनवाज वारसी, इसरार अहमद, राजू भाईनसीम अहमद, मुख्तार अंसारी, दानिश इस्लाम, आसिफ खान, आदिल खान, अरशद, खय्याम शाहनवाज अंसारी सहित नियाजगंज वार्ड के पार्षद एडवोकेट इंतिखाब कुरैशी और कई समाजसेवक उपस्थित रहे। नाज़िया, हूर बानो, सैयद आसना अली आदि ने भी रक्तदाताओं का हौसला बढ़ाकर और व्यवस्थाओं में सहयोग कर कार्यक्रम को सफल बनाया।
शिविर के समापन अवसर पर इंतजामिया कमेटी और आयोजकों ने स्वास्थ्य, प्रबंधन और समाज सेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों एवं सहयोगियों को सम्मानित किया। समिति की ओर से अल अंजुमन सेवा समिति के पूर्व अध्यक्ष उमर हुसैन को दीर्घकालिक समाज सेवा के लिए अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
नूर करम खान ने रक्तकेंद्र प्रभारी डॉ. आशीष जैन द्वारा रक्तकेंद्र के सुचारू प्रबंधन एवं आपातकालीन स्थितियों में जीवनरक्षा हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। समिति की ओर से डॉ. आशीष जैन और ब्लड बैंक की पूरी टीम को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। शिविर में डॉ. आस्था, नर्सिंग अधिकारी निशा धामी और मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट राजदेव सिंह का भी सक्रिय योगदान रहा।
सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान (SSJGIMSR) के चिकित्सा समाज कल्याण अधिकारी हेम बहुगुणा ने अल अंजुमन सेवा समिति तथा सम्पूर्ण मुस्लिम समाज का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संकट के समय रक्तदान कर जीवन बचाना सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने कहा कि ऐसे सामूहिक और स्वैच्छिक प्रयास समाज में आपसी सौहार्द, एकता और सेवा भावना की अनूठी मिसाल हैं।
अंत में आयोजकों ने मेडिकल कॉलेज की टीम, सभी रक्तदाताओं और प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले समाज के सदस्यों का विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया। संग्रहित रक्त को आपातकालीन उपयोग के लिए बेस अस्पताल व मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में सुरक्षित रखा गया है।
