उत्तराखण्ड
हरेला मेले के दूसरे दिन लोक-संस्कृति और खेलों का जोश, महिलाओं व बच्चों ने दिखाई प्रतिभा

सोमवार को कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व ब्लाक प्रमुख लक्ष्मण सिंह लमगड़िया और पूर्व पालिकाध्यक्ष हेमंत बगड़वाल ने दीपप्रज्वलन कर किया। अतिथियों ने हरेला पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा हुआ है। उन्होंने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में मंच के संरक्षक हुकुम सिंह कुंवर, अध्यक्ष खड़क सिंह बगड़वाल, सचिव देवेंद्र तोलिया, कोषाध्यक्ष त्रिलोक बनोली, संदीप भैसोड़ा, कमल किशोर, चंद्रशेखर परगांई, खेल संयोजक ललित बिष्ट, शोभा बिष्ट, रितिक आर्या, धर्म सिंह बिष्ट, तरुण नेगी, विमला सांगुड़ी, मनोज मेलकानी, जगमोहन बगड़वाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रदीप उपाध्याय ने किया।
प्रतियोगिताओं में विविध आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने पदक-विजेताओं की सूची में जगह बनाई। महिला ओपन वर्ग की कुर्सी दौड़ में ममता बिष्ट ने प्रथम, ललिता बिष्ट द्वितीय तथा दीपा मेहरा तृतीय स्थान प्राप्त किया। बालिका सीनियर वर्ग में नेहा प्रथम, दीक्षा पनेरू द्वितीय और माही वर्मा तृतीय रहीं। बालक जूनियर वर्ग में मनोज सिंह बोरा प्रथम, सोहम कुमार द्वितीय और सर्वोच्च जोशी तृतीय रहे। बालिका जूनियर वर्ग में मैत्री पांडे ने पहला स्थान, भूमिका बिष्ट ने दूसरा और प्रेरणा बिष्ट ने तीसरा स्थान हासिल किया। संस्कार गीत प्रतियोगिता में चंद्रा परगांई को विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
लोकगीत और लोकनृत्य प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने उत्तराखंडी संस्कृति की जीवंत प्रस्तुतियाँ दीं। जूनियर लोकगीत में विहान जोशी प्रथम, वैभव जोशी द्वितीय और मायरा पांडे तृतीय रहे। जूनियर लोकनृत्य में आनंदा एकेडमी ने प्रथम, देवभूमि एकेडमी द्वितीय और कोरल इंटरनेशनल ने तृतीय स्थान हासिल किया। सीनियर लोकगीत प्रतियोगिता में श्रेष्ठ खत्री प्रथम, दिव्यांशी द्वितीय और अक्षय कुमार तृतीय स्थान पर रहे।
शाम को मुख्य मंच पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में लोक गायकों ने मुग्ध कर देने वाले प्रदर्शन किए। लोक गायक जगदीश कांडपाल और राकेश जोशी की मधुर आवाज़ ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। जगदीश कांडपाल ने पारंपरिक लोक गीतों से रंग जमाया, जबकि राकेश जोशी ने कई लोकप्रिय गीत प्रस्तुत कर माहौल को और भी जीवंत बना दिया।
मेले के तीसरे दिन भी कई कार्यक्रमों की सूची बनी है, जिसमें स्थानीय कला-प्रदर्शन और पारंपरिक खेल शामिल होंगे। आयोजक जनता के समर्पण और सहभागिता से संतुष्ट हैं और मेले के सफल आयोजन के लिए सभी सहयोगियों तथा प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया है।

