उत्तराखण्ड
अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश; भीमताल में मानसून से पहले तैयारियां तेज करने को कहा

बैठक में मंत्री कैड़ा ने कहा कि बरसात शुरू होने से पहले मुख्य मार्गों, चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से नालों व नदियों की सिल्ट (मलबे) साफ करने, नदियों के डायवर्जन कार्यों को नियत समय पर पूरा करने और ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त रखने पर जोर दिया ताकि भारी वर्षा के दौरान जल निकासी बाधित न हो।
मंत्री ने हिदायत दी कि:
मोटर मार्गों पर संकट के समय मार्ग खोलने हेतु जेसीबी व पोकलैंड जैसी मशीनें अग्रिम रूप से तैनात रखी जाएँ।
मुख्य और लिंक मार्गों के गड्ढों की मरम्मत, सड़कें गड्ढामुक्त करने और भूस्खलन संभावित ढलान क्षेत्रों में मलबा हटाने के प्रबंध पहले से कर लिए जाएँ।
बिजली व पेयजल सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए आपातकालीन रिस्पांस टीमें तैयार रखी जाएँ; बिजली पोल गिरने या तार टूटने की स्थिति में त्वरित बहाली का इंतज़ाम हो।
स्वास्थ्य सेवाओं में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व अस्पतालों में दवाइयों व आपात सामग्री का पर्याप्त स्टॉक रखा जाए ताकि वर्षा-जनित बीमारियों से निपटा जा सके।
मंत्री कैड़ा ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी भी दी: “तैयारियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि बरसात के दौरान अधिकारियों की सुस्ती के कारण जनता को परेशानी उठानी पड़ी या मोटर मार्ग बंद रहे तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।”
बैठक में सभी विभागों से आपसी समन्वय कायम करने और एक समर्पित कंट्रोल रूम स्थापित करने का अनुरोध भी किया गया, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान की जा सके। मंत्री ने भीमताल विधानसभा क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्तापूर्ण और शीघ्र पूर्ति के निर्देश भी दिए।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि निर्देशों के अनुपालन में निकासी नालों की सफाई, सड़क मरम्मत और मशीनरी की तैनाती का कार्य शीघ्र आरंभ किया जाएगा तथा नियंत्रण कक्ष के परिचालन के लिए modalities जल्द तय कर ली जाएँगी।
