उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय में हरेला महोत्सव का भव्य समापन, पौधालय का लोकार्पण और ‘उड़ान’ पत्रिका का विमोचन
हल्द्वानी
समारोह के दौरान अतिथियों ने पौधालय का अवलोकन कर विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया। हरेला सप्ताह के तहत विश्वविद्यालय परिसर में फलदार, छायादार, औषधीय एवं स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाए गए। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि नवस्थापित पौधालय भविष्य में पौध संरक्षण, हरित परिसर के विस्तार और विद्यार्थियों में पर्यावरणीय जागरूकता विकसित करने का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
मुख्य अतिथि विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट ने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण और उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा जनआंदोलन है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का दायित्व निभाने का आह्वान किया।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा कि वृक्षारोपण तभी सार्थक होगा, जब पौधों का नियमित संरक्षण और संवर्धन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा स्थापित पौधालय को पर्यावरण शिक्षा और गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री उपलब्ध कराने की सराहनीय पहल बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने कहा कि उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण अभियान और पौधालय की स्थापना विश्वविद्यालय परिसर को हरित एवं जैव-विविधता सम्पन्न बनाने की दिशा में दीर्घकालिक प्रयास हैं।
इस अवसर पर त्रैमासिक पत्रिका ‘उड़ान’ के नवीन अंक का भी विमोचन किया गया। पत्रिका में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, शोध, सांस्कृतिक, सामाजिक और विस्तार गतिविधियों के साथ विभिन्न विभागों की उपलब्धियों को स्थान दिया गया है। अतिथियों ने इसे विश्वविद्यालय की गतिविधियों को समाज तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बताया।
कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से पौधारोपण कर “एक पौधा–एक जिम्मेदारी” का संकल्प लिया। समारोह में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापकों सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।


