उत्तराखण्ड
कर्णप्रयाग बवाल: निहंगों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा, पुलिस पर हमले का आरोप

पुलिस के अनुसार घटना उस समय हुई जब पुलिस टीम क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए कथित रूप से पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। आरोप है कि पुलिस पर धारदार हथियारों और लाठियों से हमला किया गया, जिससे कई पुलिसकर्मियों को चोटें आईं।
एफआईआर में लगीं गंभीर धाराएं
पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई गंभीर धाराएं शामिल की गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
हत्या का प्रयास।लोक सेवक पर हमला सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाना।बलवा और मारपीट आपराधिक धमकी
जैसे आरोप शामिल हैं। इन धाराओं के तहत दोष सिद्ध होने पर कठोर सजा का प्रावधान है।
एक निहंग भी हुआ घायल
घटना के दौरान एक निहंग सिख भी गंभीर रूप से घायल हुआ, जिसे उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है। घायल निहंग ने उपचार के दौरान पुलिस द्वारा समय पर अस्पताल पहुंचाने और सहायता उपलब्ध कराने की सराहना की है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि घटना के दौरान दोनों पक्षों को चोटें आई हैं।
वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के आधार पर जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल के वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का गहन परीक्षण किया जा रहा है। जिन लोगों की पहचान हमले में शामिल होने के रूप में होगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
तनाव के बीच पुलिस की अपील
घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सोशल मीडिया पर भड़काऊ या अपुष्ट सामग्री साझा करने से बचने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि विवेचना जारी है और जांच पूरी होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मामले को लेकर क्षेत्र में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि शांति एवं कानून-व्यवस्था बनी रहे।
