उत्तराखण्ड
आशा वर्कर्स का जून में होगा ब्लॉक सम्मेलन, राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग तेज

बैठक को संबोधित करते हुए यूनियन की जिला उपसचिव अनिता अन्ना ने कहा कि सरकार द्वारा महिला स्कीम वर्कर्स की मेहनत का लगातार शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आशा वर्कर्स से स्वास्थ्य विभाग के लगभग सभी छोटे-बड़े कार्य कराए जाते हैं, लेकिन उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा और न्यूनतम वेतन तक उपलब्ध नहीं कराया गया है।
यूनियन की राज्य उपाध्यक्ष रीता कश्यप ने कहा कि आशा वर्कर्स ने ऐक्टू के नेतृत्व में संगठित होकर अपने अधिकारों की लड़ाई को मजबूती दी है। उन्होंने कहा कि राज्य कर्मचारी का दर्जा और न्यूनतम वेतन उनकी प्रमुख मांगें हैं, जिन्हें केवल मजबूत संगठन और संघर्ष के बल पर हासिल किया जा सकता है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि जून में ब्लॉक सम्मेलन आयोजित करने के साथ जिला सम्मेलन भी किया जाएगा। बैठक में राज्य उपाध्यक्ष रीता कश्यप, जिला उपाध्यक्ष बबीता कश्यप, जिला उपसचिव अनिता अन्ना, सुधा शर्मा, लता रानी, सतपाल कौर, पूनम चौधरी, रविन्द्र कौर, गीता, अंजलि, बीना नागर और सुमिता चौहान सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।
