उत्तराखण्ड
मुख्यमंत्री के पाँच वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर दी गई शुभकामनाएँ, सेवा, सुशासन और जनभागीदारी से विकसित उत्तराखण्ड के संकल्प को दोहराया
ऋषिकेश। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को ऋषिकेश में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के अंतर्गत आयोजित सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए प्रदेशवासियों को विकास और जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण कर कई परियोजनाओं को जनता को समर्पित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, विभिन्न विभागों के कर्मचारी तथा स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और वहां संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से भी संवाद किया तथा उनसे योजनाओं के क्रियान्वयन और उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलाव के बारे में जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मुख्यमंत्री पद पर पाँच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दी गईं। वक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखण्ड ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं। इस दौरान सेवा, सुशासन और जनभागीदारी के माध्यम से विकसित उत्तराखण्ड के संकल्प को साकार करने का संकल्प भी दोहराया गया।
कार्यक्रम में प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि उत्तराखण्ड ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। इसके साथ ही सशक्त नकल विरोधी कानून लागू कर प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। महिला सशक्तीकरण, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य आधारभूत संरचना के विकास के साथ-साथ पर्यटन, निवेश और नवाचार के क्षेत्र में भी राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं का निर्माण करना नहीं, बल्कि उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनसहभागिता को विकास की सबसे बड़ी ताकत मानते हुए सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनता के सहयोग और सहभागिता से उत्तराखण्ड को विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाने का लक्ष्य अवश्य प्राप्त किया जाएगा।
कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए प्रदेश के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य करते रहने का संकल्प दोहरा,◊
