उत्तराखण्ड
शिक्षक ज्ञान के साथ नैतिक मार्गदर्शन भी दें : डॉ. शेर सिंह सामंत




“हल्द्वानी, 5 सितंबर 2026। शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय में ‘शिक्षक सम्मान समारोह-2026’ का आयोजन विश्वविद्यालय के सी.डी.एस. जनरल बिपिन रावत बहुउद्देशीय सभागार में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ निदेशक अकादमिक प्रो. पी.डी. पंत के उद्घाटन संबोधन से हुआ। उन्होंने सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों का स्वागत करते हुए शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं और शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों के योगदान को रेखांकित किया।
समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. शेर सिंह सामंत, उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय एन.एस.ए.आई. तथा एच.एफ.आर.आई. के पूर्व निदेशक, का विज्ञान एवं हिमालयी अध्ययन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए स्वागत एवं सम्मान किया गया। अपने संबोधन में डॉ. सामंत ने शिक्षा, अनुसंधान और ज्ञान के महत्व पर प्रकाश डाला।
डॉ. सामंत ने भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए ‘विद्यार्थियों के करियर एवं ज्ञान निर्माण में शिक्षकों की भूमिका’ विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान प्रदान करने वाला व्यक्ति नहीं होता, बल्कि वह विद्यार्थियों के जीवन में नैतिक मार्गदर्शक की भूमिका भी निभाता है। राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को प्रोत्साहन, सहयोग, मार्गदर्शन और प्रेरणा देना शिक्षक के दायित्वों का अभिन्न हिस्सा है।
उन्होंने अपने शैक्षणिक एवं व्यावसायिक जीवन के अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए कई प्रेरक प्रसंग भी प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक अपने जीवनकाल में अनेक भूमिकाओं का निर्वहन करता है और प्रत्येक भूमिका को पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ निभाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षक का मूल्यांकन प्रतिदिन होता है, इसलिए उसे प्रत्येक परिस्थिति में अपना सर्वोत्तम प्रयास करना चाहिए।
कुलपति ने विश्वविद्यालय के शिक्षार्थी-केंद्रित दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षक, शिक्षाविद् एवं परामर्शदाता के रूप में सभी को मिलकर शिक्षार्थियों के हित में कार्य करना चाहिए।
समारोह के पैनल में कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी, निदेशक अकादमिक प्रो. पी.डी. पंत एवं डॉ. नीरजा सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की विभिन्न विद्याशाखाओं के निदेशक, प्राध्यापक, शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संयोजन डॉ. कल्पना लखेड़ा ने किया। अंत में डॉ. नीरजा सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए समारोह के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान करने वाली आईसीटी टीम, मीडिया टीम तथा आयोजन समिति के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।

















