उत्तराखण्ड
एचपीवी टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य एवं टीबी मुक्त भारत अभियान को लेकर उपकेंद्र सुयालबाड़ी में गोष्ठी



नैनीताल, 22 अगस्त 2026। मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जनपद नैनीताल डॉ. रश्मि पंत के निर्देश पर उपकेंद्र सुयालबाड़ी में एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं एवं आशा फैसिलिटेटरों के साथ स्वास्थ्य जागरूकता एवं समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में एचपीवी टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, गर्भवती महिलाओं की देखभाल तथा टीबी मुक्त भारत अभियान को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
गोष्ठी में आईईसी अधिकारी दीवान बिष्ट एवं एएनएम भावना बिष्ट ने स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन, जनजागरूकता तथा समुदाय तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के संबंध में आवश्यक जानकारी एवं दिशा-निर्देश दिए।
एचपीवी टीकाकरण पर विशेष जोर
गोष्ठी में एचपीवी टीकाकरण को लेकर आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया। उन्हें अपने क्षेत्र में पात्र बच्चों की पहचान कर ड्यू लिस्ट तैयार रखने तथा अभिभावकों को एचपीवी वैक्सीन के महत्व एवं लाभों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए। समीक्षा में पाया गया कि आशा कार्यकर्ताओं ने एचपीवी टीकाकरण के लिए अपनी ड्यू लिस्ट तैयार कर ली है और पात्र बच्चों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि एचपीवी टीकाकरण को लेकर अभिभावकों के बीच किसी भी प्रकार की भ्रांति अथवा झिझक को दूर करना जरूरी है। आशा कार्यकर्ता घर-घर संपर्क कर परिवारों को सही जानकारी उपलब्ध कराएं और पात्र बच्चों को समय पर टीकाकरण के लिए प्रेरित करें।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की नियमित निगरानी
गोष्ठी में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की स्थिति की नियमित निगरानी पर भी चर्चा हुई। आशा कार्यकर्ताओं को क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी, समय पर स्वास्थ्य जांच, आवश्यक टीकाकरण, आयरन-फोलिक एसिड सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा संस्थागत प्रसव के लिए महिलाओं एवं उनके परिजनों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
गर्भावस्था के दौरान किसी भी जोखिम के संकेत मिलने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र को सूचना देने और गर्भवती महिला को समय पर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।
टीबी मुक्त भारत अभियान में सक्रिय भूमिका का आह्वान
टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत संभावित टीबी मरीजों की पहचान, टीबी के लक्षणों के प्रति जागरूकता, जांच के लिए प्रेरित करने तथा उपचाररत मरीजों को नियमित रूप से दवा लेने के लिए प्रोत्साहित करने पर भी चर्चा की गई।
आशा कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया गया कि वे अपने क्षेत्र में लंबे समय से खांसी, बुखार, वजन कम होना अथवा रात में पसीना आने जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें जांच एवं उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने दिया संदेश
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने कहा कि “एचपीवी टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य एवं टीबी उन्मूलन जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रमों की सफलता के लिए समुदाय की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। आशा एवं एएनएम स्वास्थ्य विभाग और आमजन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित जनसंपर्क करते हुए पात्र लाभार्थियों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ें और किसी भी पात्र व्यक्ति को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहने दें।”
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कार्यक्रमों का प्रभाव तभी व्यापक होगा, जब स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ आशा कार्यकर्ता और समुदाय मिलकर जिम्मेदारी निभाएंगे।
ये रहे उपस्थित
गोष्ठी में मंजू देवी, बसंती देवी, गीता नेगी, दीपा, सुनीता आर्य, प्रेम, दीपा, अनीता देवी, तुलसी देवी, विमला देवी, कला देवी, मीनाक्षी, अनीता एवं रजनी सहित एएनएम, आशा कार्यकर्ता एवं आशा फैसिलिटेटर उपस्थित रहे।
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग
जनपद नैनीताल

















