उत्तराखण्ड
ज्योलिकोट से नैनीताल तक स्वास्थ्य विभाग का अभियान तेज




338 लोगों की स्वास्थ्य जांच, 45 ब्लड सैंपल और 77 रैपिड टेस्ट; सभी रिपोर्ट नेगेटिव
नैनीताल, 14 सितंबर 2026। ज्योलिकोट समेत आसपास के प्रभावित क्षेत्रों में जलजनित रोगों की रोकथाम और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग का अभियान लगातार तेज किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत के निर्देश पर स्वास्थ्य टीमें घर-घर सर्विलांस, स्वास्थ्य जांच, उपचार और जनजागरूकता अभियान चला रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, विभिन्न क्षेत्रों में शिविरों और घर-घर जाकर 269 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई, जबकि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में 69 लोगों की जांच हुई। इस प्रकार कुल 338 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। जांच के दौरान 45 ब्लड सैंपल लिए गए, जबकि गंभीर लक्षण वाले तीन मरीजों को भर्ती कर उपचार दिया गया। जरूरतमंद मरीजों को दवाओं के साथ जिंक, ओआरएस और क्लोरीन टैबलेट भी वितरित की गईं।
हरिनगर और 7 नंबर में 77 रैपिड टेस्ट, सभी नेगेटिव
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हरिनगर और 7 नंबर क्षेत्र में 77 रैपिड टेस्ट किए। राहत की बात यह रही कि सभी 77 रैपिड टेस्ट नेगेटिव पाए गए। विभाग ने संभावित एवं प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और जांच का दायरा लगातार बढ़ाने की बात कही है।
आड़ूखान और मनोरा में जागरूकता शिविर
डायरिया और पीलिया से बचाव के लिए आंगनबाड़ी केंद्र आड़ूखान और मनोरा में विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल, व्यक्तिगत स्वच्छता, ओआरएस के सही उपयोग तथा जलजनित रोगों की रोकथाम के उपायों की जानकारी दी गई। अभियान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भी सहयोग किया।
पीएचसी ज्योलिकोट में विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं
प्रभावित मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए चंदन सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, हल्द्वानी के वरिष्ठ एमडी फिजीशियन डॉ. हिमांशु कुमार, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सिद्धांत मेहता तथा सेंट्रल हॉस्पिटल, हल्द्वानी के डॉ. सचिन चक्रवर्ती ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में ओपीडी सेवाएं प्रदान कीं।
इसी क्रम में 14 सितंबर को नीलकंठ हॉस्पिटल, हल्द्वानी की वरिष्ठ गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. मेघा रखौलिया, डॉ. शाहिल सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम पीएचसी ज्योलिकोट में ओपीडी सेवाएं प्रदान करेगी। स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्रीय लोगों से विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है।
‘स्वास्थ्य योद्धाओं’ को भी अभियान से जोड़ा
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में ब्लॉक प्रमुख, ग्राम प्रधान, बीडीसी सदस्य, सामुदायिक नेताओं और स्थानीय सक्रिय सदस्यों का समूह गठित किया गया है। यह समूह विस्तारित प्रभावित गांवों में सर्विलांस, मरीजों के क्लीनिकल मैनेजमेंट, सरकारी एवं निजी अस्पतालों में उपचार और आयुष्मान योजना के सूचीबद्ध अस्पतालों की जानकारी उपलब्ध कराने में सहयोग कर रहा है। स्वस्थ हो चुके मरीजों को ‘स्वास्थ्य योद्धा’ के रूप में जनजागरूकता अभियान से जोड़ा जा रहा है।
मरीजों की काउंसलिंग के लिए सीएचओ के माध्यम से टेली-मानस और ई-संजीवनी सेवाओं का भी उपयोग किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में जांच, उपचार, निगरानी और जनजागरूकता गतिविधियों को एक साथ आगे बढ़ा रही हैं।

















