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उत्तराखण्ड

पत्रकार हित में 10 सूत्रीय मांगों को लेकर सीएम को सौंपा ज्ञापन

पर्वतीय पत्रकार महासंघ ने न्यूज पोर्टल और छोटे समाचार पत्रों की समस्याओं के समाधान की उठाई मांग 

हल्द्वानी। पत्रकारों और छोटे मीडिया संस्थानों की समस्याओं को लेकर पर्वतीय पत्रकार महासंघ ने मोर्चा खोलते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को 10 सूत्रीय ज्ञापन भेजा है। महासंघ ने न्यूज पोर्टलों की विज्ञापन दरों में संशोधन से लेकर पत्रकार आवास, पेंशन, प्रशिक्षण और सरकारी सुविधाओं तक कई मांगें उठाई हैं। प्रदेश अध्यक्ष सुरेश पाठक ने मुख्यमंत्री से इन मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की मांग की है।

महासंघ का कहना है कि बढ़ती तकनीकी और संचालन लागत के दौर में छोटे न्यूज पोर्टलों और लघु एवं मझौले समाचार पत्रों के सामने आर्थिक चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में वर्तमान व्यवस्थाओं में आवश्यक बदलाव किया जाना जरूरी है।

ये हैं महासंघ की 10 प्रमुख मांगें—

1. न्यूज पोर्टलों की विज्ञापन दरों में संशोधन: वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न आकार के बैनर विज्ञापनों की निर्धारित ₹1,200 की समान दर को वेबसाइट की पहुंच, विज्ञापन के आकार, स्थान, अवधि तथा सर्वर व तकनीकी संचालन लागत के आधार पर संशोधित किया जाए।

2. हल्द्वानी में PIB शाखा: कुमाऊं मंडल के पत्रकारों की सुविधा के लिए हल्द्वानी में प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की शाखा अथवा उपशाखा खोलने के लिए राज्य सरकार केंद्र को संस्तुति भेजे।

3. विज्ञापन मान्यता समिति की बैठक: लंबे समय से लंबित मामलों के निस्तारण के लिए विज्ञापन मान्यता समिति की बैठक शीघ्र आयोजित की जाए।

4. पत्रकारों का प्रशिक्षण: पत्रकारों के लिए नियमित प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास कार्यक्रम शुरू किए जाएं। डिजिटल मीडिया, साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संबंधित प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया जाए।

5. रेलवे यात्रा रियायत बहाल हो: मान्यता प्राप्त पत्रकारों को रेलवे यात्रा में पूर्व में मिलने वाली रियायत को बहाल कराने के लिए केंद्र सरकार से पहल की जाए।

6. मीडिया डाटा बैंक तैयार हो: पत्रकारों और मीडिया संस्थानों का अधिकृत एवं अद्यतन डाटा बैंक तैयार किया जाए, ताकि सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंच सके।

7. वयोवृद्ध पत्रकारों की पेंशन बढ़े: पात्र वयोवृद्ध पत्रकारों की पेंशन बढ़ाकर कम से कम ₹15 हजार प्रतिमाह की जाए तथा पेंशन प्रक्रिया को सरल बनाया जाए।

8. पत्रकार आवास योजना: देहरादून और हल्द्वानी में पत्रकार आवास योजना शुरू कर आसान किश्तों और रियायती शर्तों पर आवास उपलब्ध कराए जाएं।

9. सचिवालय व गेस्टहाउस सुविधा: मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए सचिवालय प्रवेश की प्रक्रिया सरल की जाए तथा गैर-मान्यता प्राप्त पत्रकारों को निर्धारित शुल्क पर सरकारी गेस्टहाउसों में ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

10. छोटे समाचार पत्रों के लिए विज्ञापन पैकेज: लघु एवं मझौले समाचार पत्रों के लिए वार्षिक विज्ञापन पैकेज निर्धारित किया जाए। साथ ही विज्ञापन बिलों के ऑनलाइन प्रस्तुतिकरण और समयबद्ध ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था लागू की जाए।

महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश पाठक ने कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलाव और लगातार बढ़ रही संचालन लागत के कारण छोटे मीडिया संस्थानों के सामने गंभीर व्यावहारिक चुनौतियां हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि संबंधित विभागों को निर्देशित कर पत्रकार हित से जुड़े इन मामलों का शीघ्र समाधान कराया जाए।

ज्ञापन देने वालों में संरक्षक मंडल सदस्य डॉ. दिनेश जोशी, डॉ. राजेंद्र क्वीरा, श्रीमती भावना पाठक, डॉ. मदन मोहन पाठक, जिलाध्यक्ष अजय उप्रेती, महानगर अध्यक्ष धीरज जोशी, गिरीश चंदोला, दीपक मनराल, सुरेंद्र मौर्य, आनंद बत्रा, ईश्वरी दत्त भट्ट, धर्मानंद खोलिया, जसवीर सिंह, उत्कर्ष जोशी सहित हिमालयन डिजिटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश पाण्डेय, हर्ष रावत और अन्य पत्रकार मौजूद रहे।

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