उत्तराखण्ड
रैपिडो ऐप के जरिए निजी बाइक से सवारी ढोना पड़ा महंगा, हल्द्वानी में 6 वाहन सीज; परिवहन विभाग ने दी सख्त चेतावनी

परिवहन विभाग की इस कार्रवाई की खास बात यह रही कि विभागीय आरक्षियों ने सादे कपड़ों में रैपिडो ऐप के माध्यम से स्वयं बुकिंग कराई। बुकिंग स्वीकार करने के बाद जब निजी मोटरसाइकिल चालक यात्रियों को किराए पर एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने पहुंचे, तो मौके पर मौजूद प्रवर्तन टीम ने उन्हें पकड़कर कार्रवाई की। जांच में पाया गया कि सभी वाहन सफेद नंबर प्लेट वाले निजी वाहन थे, जिनका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था।
अभियान के दौरान सीज किए गए वाहनों के नंबर इस प्रकार हैं—
UK04AS2734
UK04AN0592
UK04AE7399
UK04AF0225
UK04AT2296
UK04AR3279
संभागीय परिवहन अधिकारी अरविन्द पांडेय ने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार सफेद नंबर प्लेट वाले निजी वाहनों का उपयोग केवल व्यक्तिगत कार्यों के लिए किया जा सकता है। ऐसे वाहनों से किराए पर सवारी ढोना पूरी तरह अवैध है। व्यावसायिक परिवहन के लिए केवल पीली नंबर प्लेट वाले, विधिवत पंजीकृत और परमिटधारी वाहन ही अधिकृत हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में विभिन्न ऑनलाइन ऐप के माध्यम से कई लोग अपने निजी वाहनों का व्यावसायिक उपयोग कर रहे हैं, जिससे न केवल मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और बीमा संबंधी गंभीर प्रश्न भी खड़े हो रहे हैं। ऐसे वाहनों के पास व्यावसायिक संचालन के लिए आवश्यक परमिट, फिटनेस और अन्य कानूनी औपचारिकताएं भी नहीं होती हैं।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा। भविष्य में भी ऐसे वाहनों के विरुद्ध लगातार विशेष अभियान चलाए जाएंगे। विभाग की टीमें सादे कपड़ों में विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों के माध्यम से बुकिंग कराकर नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान करेंगी और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
संभागीय परिवहन अधिकारी ने सभी निजी वाहन स्वामियों एवं चालकों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी परिस्थिति में अपने निजी वाहन का उपयोग किराए पर सवारी ढोने के लिए न करें। ऐसा करते पाए जाने पर वाहन सीज करने, भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ वाहन का पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) निलंबित अथवा निरस्त किए जाने जैसी कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है।
उन्होंने आम नागरिकों से भी आग्रह किया कि वे केवल अधिकृत व्यावसायिक वाहनों का ही उपयोग करें और यदि किसी ऐप के माध्यम से निजी वाहन किराए पर संचालित होते दिखाई दें तो इसकी सूचना परिवहन विभाग या संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

