उत्तराखण्ड
नगर निगम की दुकानों के किराये में प्रस्तावित वृद्धि का व्यापारियों ने किया विरोध, मेयर से की हस्तक्षेप की मांग

व्यापारी नेताओं ने मेयर को बताया कि वर्ष 2026 से दुकानों के किराये में पांच गुना तक वृद्धि का प्रस्ताव व्यापारियों के लिए अत्यंत चिंताजनक है। उनका कहना था कि कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन के बाद से बाजार में मंदी का दौर जारी है, जिसके कारण व्यापारी वर्ग पहले से ही आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में अचानक भारी किराया वृद्धि करना न्यायसंगत नहीं है।
संयुक्त व्यापारी प्रतिनिधिमंडल ने मेयर से किराया वृद्धि के प्रस्ताव को वापस लेने तथा व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए पुनर्विचार करने का अनुरोध किया।
इस अवसर पर मेयर गजराज बिष्ट ने व्यापारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि नगर निगम और व्यापारी हितों के बीच संतुलन बनाते हुए विश्वास और जिम्मेदारी के साथ कार्य किया जाएगा तथा सभी पक्षों के हितों का ध्यान रखा जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख रूप से गोविंद सिंह बगड़वाल, पंकज कपूर, योगेश शर्मा, दलजीत सिंह दल्ली, राजीव जायसवाल (सांसद प्रतिनिधि), वीरेंद्र गुप्ता, मुकेश ढींगरा, देवेश अग्रवाल, प्रेम चौधरी, मनीष वर्मा, संदीप सक्सेना, जसपाल मालदार, डब्बू तिवारी, अनुज देवल, रवींद्र बाली, उमेश कनवाल, सचिन कुमार, वीरेंद्र बिष्ट, रविंद्र वर्मा, रामप्रसाद, कुन्दन बिष्ट, हितेश शर्मा, ज्ञान प्रकाश सहित अन्य व्यापारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
