उत्तराखण्ड
बदरीनाथ धाम चढ़ावा चोरी प्रकरण पर सियासत तेज, जांच पर सबकी नजर

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने मामला सामने आने के बाद तत्काल संबंधित आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराते हुए विभागीय जांच शुरू कर दी। वहीं राज्य सरकार ने गढ़वाल मंडलायुक्त की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय जांच समिति गठित कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल पर इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है। साथ ही यह दावा किया गया कि संबंधित आरोपी कर्मचारी की अस्थायी से स्थायी नियुक्ति उनके कार्यकाल में हुई थी। भाजपा ने गोदियाल से इस संबंध में सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग भी की है।
भाजपा ने अपने बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में अभूतपूर्व विकास कार्य हुए हैं तथा सरकार धामों की गरिमा और श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
चूंकि मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है, इसलिए अब सभी की निगाहें गठित जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं। जांच के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


