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उत्तराखण्ड

हल्द्वानी में दुकानों के किराए में 50% तक बढ़ोतरी का विरोध, व्यापार मंडल ने महापौर को सौंपा ज्ञापन

पवनीत सिंह बिंद्रा हल्द्वानी 

, 27 जून। नगर निगम क्षेत्र में दुकानों के किराए में कथित मनमानी बढ़ोतरी के विरोध में सशक्त एकता उद्योग व्यापार मंडल (पंजीकृत), उत्तराखंड ने शनिवार को महापौर को ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। संगठन का आरोप है कि नगर निगम और निजी दुकानों के मालिक बिना किसी स्पष्ट आधार के हर छह माह या एक वर्ष में 20 से 50 प्रतिशत तक किराया बढ़ा रहे हैं, जिससे छोटे और मझोले व्यापारी आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

व्यापार मंडल के अध्यक्ष तरुण वानखेड़े के नेतृत्व में पहुंचे पदाधिकारियों ने कहा कि किराया वृद्धि का विरोध करने वाले व्यापारियों को दुकान खाली कराने की धमकी देकर मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।

संगठन महामंत्री भुवन भट्ट ने कहा कि बढ़ती महंगाई, ऑनलाइन कारोबार से बढ़ती प्रतिस्पर्धा और व्यावसायिक खर्चों के बीच किराए में लगातार हो रही वृद्धि छोटे व्यापारियों की कमर तोड़ रही है। कई व्यापारी वर्षों पुराने प्रतिष्ठान बंद करने को मजबूर हो रहे हैं, जिसका असर शहर की आर्थिक गतिविधियों और रोजगार पर भी पड़ रहा है।

प्रदेश महिला अध्यक्ष ज्योति अवस्थी ने कहा कि हल्द्वानी में बड़ी संख्या में महिलाएं छोटी दुकानें, ब्यूटी पार्लर और बुटीक संचालित कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती हैं। किराए में 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी से महिला उद्यमियों पर सबसे अधिक असर पड़ा है और कई कारोबार बंद होने की कगार पर हैं।

महिला प्रदेश प्रभारी सीमा बत्रा ने महापौर से महिला प्रतिनिधियों की समस्याओं को प्राथमिकता से सुनने की अपील करते हुए किराया निर्धारण संबंधी समिति में महिला प्रतिनिधित्व अनिवार्य करने की मांग की।

ज्ञापन में रखी गईं चार प्रमुख मांगें

दुकानों के किराए में मनमानी वृद्धि पर तत्काल रोक लगाकर वार्षिक वृद्धि की सीमा तय की जाए।

व्यापारियों के उत्पीड़न की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

किराया निर्धारण के लिए नगर निगम, व्यापारियों और दुकानदारों की संयुक्त पारदर्शी समिति गठित की जाए, जिसमें महिला प्रतिनिधित्व अनिवार्य हो।

सभी दुकानों के लिए रेंट एग्रीमेंट अनिवार्य कर उसका नगर निगम में पंजीकरण कराया जाए।

प्रदेश प्रवक्ता संजय त्यागी ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उचित कार्रवाई नहीं की गई तो व्यापारी आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि व्यापारी हमेशा शहर के विकास में प्रशासन का सहयोग करते रहे हैं, लेकिन उत्पीड़न अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ज्ञापन सौंपने के दौरान कार्यालय प्रमुख तेज सिंह कार्की, प्रदेश सचिव कल्पना रावत, कार्यकारिणी सदस्य राजेश कांडपाल, कैलाश चंद्र सती सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।

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