उत्तराखण्ड
13 वर्षों से रिसीवरशिप में चल रहे स्कूलों में चुनाव की उम्मीद, हाईकोर्ट ने दिए निर्देश

जगमीत सिंह मीती के अनुसार, सिख समाज के बुजुर्गों और युवाओं ने दोनों पक्षों के बीच कई बार समझौते का प्रयास किया, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। उनका दावा है कि वीरेंद्र सिंह चड्ढा का कहना था कि यदि उन्हें सर्वसम्मति से अध्यक्ष बनाया जाता है तभी वे न्यायालय में लंबित मामला वापस लेंगे।
उन्होंने बताया कि स्कूलों के विवाद के समाधान के लिए उन्होंने राज्यपाल, मुख्य सचिव, जिलाधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट, उपनिबंधक और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कई बार वार्ता की, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया। इसके बाद उन्होंने स्वयं माननीय हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
मीती ने बताया कि 5 जनवरी को हाईकोर्ट ने दोनों शिक्षण संस्थानों में चुनाव कराने के आदेश जारी किए और छह माह के भीतर चुनाव संपन्न कराने के निर्देश दिए। उनका कहना है कि शासन और प्रशासन हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में सहयोग कर रहा है तथा इस संबंध में कई स्तरों पर लिखित और मौखिक वार्ताएं भी हो चुकी हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही दोनों स्कूलों में चुनाव संपन्न हो जाएंगे। साथ ही चेतावनी दी कि यदि किसी कारणवश निर्धारित समय में चुनाव नहीं कराए गए तो वह हाईकोर्ट में अवमानना (कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट) याचिका दायर करने के लिए बाध्य
