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उत्तराखण्ड

वेपिंग का अदृश्य जाल: आपके फेफड़ों के लिए धुआं हो या वेपर, नुकसान दोनों से होता है

 

: हमारे फेफड़े केवल स्वच्छ हवा के लिए बने हैं, लेकिन आज धूम्रपान और वेपिंग दोनों तेजी से युवाओं के बीच सामान्य होते जा रहे हैं। अक्सर यह माना जाता है कि वेपिंग सिगरेट की तुलना में सुरक्षित है, लेकिन यह धारणा पूरी तरह गलत हो सकती है। कई लोग सोचते हैं कि वेपिंग सिर्फ फ्लेवर वाली भाप (steam) है, जबकि वास्तव में यह एरोसोल होता है, जिसमें प्रोपिलीन ग्लाइकोल, ग्लिसरीन और निकेल व लेड जैसे भारी धातुओं के बेहद सूक्ष्म कण मौजूद हो सकते हैं। ये कण फेफड़ों में गहरी सूजन पैदा कर सकते हैं और लंबे समय में “पॉपकॉर्न लंग” जैसी गंभीर स्थिति का कारण बन सकते हैं, जिसमें छोटी वायुमार्गों में स्थायी क्षति हो जाती है।

 

यह भी एक आम भ्रम है कि यदि किसी वेपिंग प्रोडक्ट में निकोटीन नहीं है, तो वह नुकसानदायक या लत लगाने वाला नहीं होगा। हालांकि कई तथाकथित “निकोटीन-फ्री” उत्पादों में भी निकोटीन के अंश पाए जाते हैं। खासकर 25 वर्ष से कम उम्र के युवाओं में, जब मस्तिष्क अभी विकसित हो रहा होता है, निकोटीन ध्यान केंद्रित करने की क्षमता, सीखने की प्रक्रिया और निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में यह सिर्फ एक फ्लेवर आजमाने की बात नहीं रह जाती, बल्कि भविष्य में लंबे समय तक रहने वाली रासायनिक निर्भरता का जोखिम बन सकती है।

 

बीएलके-मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के थोरासिक सर्जरी एवं लंग ट्रांसप्लांटेशन विभाग के सीनियर डायरेक्टर, डॉ. प्रमोज जिंदल ने बताया “कई लोग यह भी मानते हैं कि वेपिंग धूम्रपान छोड़ने में मदद करती है, लेकिन युवाओं में इसके उलट परिणाम देखने को मिले हैं। अध्ययनों से संकेत मिलता है कि जो युवा वेपिंग करते हैं, उनमें बाद में सिगरेट पीने की संभावना अधिक हो सकती है। यानी यह धूम्रपान छोड़ने का साधन बनने के बजाय एक प्रवेश द्वार की तरह काम कर सकती है। चिकित्सकीय दृष्टिकोण से देखें तो वेपिंग के खतरे केवल धीरे-धीरे विकसित होने वाले रोगों तक सीमित नहीं हैं। EVALI (ई-सिगरेट या वेपिंग से जुड़ी फेफड़ों की चोट) जैसी गंभीर स्थिति अचानक विकसित हो सकती है, जिससे किशोरों और युवाओं में सांस लेने में गंभीर परेशानी या फेफड़ों के फेल होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वेपिंग केवल फेफड़ों पर नहीं, बल्कि हृदय पर भी अतिरिक्त दबाव डालती है और शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति को प्रभावित कर सकती है।“

 

यदि आपने वेपिंग शुरू कर दी है, तो इसे छोड़ने का सबसे सही समय अभी है। सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि इसके पीछे कारण क्या है—तनाव, बोरियत या सामाजिक दबाव। कारण पहचानकर उस पर काम करना लंबे समय तक मददगार हो सकता है। जब वेपिंग की इच्छा हो, तो पानी पीना, कुछ देर टहलना या शारीरिक गतिविधि करना लाभदायक हो सकता है क्योंकि इससे शरीर प्राकृतिक रूप से ऐसे हार्मोन रिलीज करता है जो लालसा को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या काउंसलर से सलाह लेना भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि विशेषज्ञ सहायता इस आदत को सुरक्षित तरीके से छोड़ने में मदद कर सकती है।

 

फेफड़ों में खुद को ठीक करने की क्षमता होती है, लेकिन उनकी सहनशक्ति असीमित नहीं है। एक अस्थायी ट्रेंड आपके आने वाले वर्षों में खुलकर सांस लेने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। इसलिए वेपिंग के धुएं से ऊपर अपनी सेहत को प्राथमिकता देना जरूरी है।

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