उत्तराखण्ड
राज्यपाल ने काकड़ीघाट व कैंची धाम में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की

राज्यपाल ने काकड़ीघाट को अद्भुत ऊर्जा, शांति और आध्यात्मिक चेतना से परिपूर्ण स्थान बताते हुए कहा कि यहां आकर आत्मिक शांति का अनुभव होता है और स्वामी विवेकानन्द के विचारों को आत्मसात करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि काकड़ीघाट का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह स्वामी विवेकानन्द की साधना स्थली रही है।
उन्होंने ज्ञानवृक्ष के संरक्षण और पुनर्जीवन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जिस वृक्ष के नीचे स्वामी विवेकानन्द ने ध्यान लगाया था, उसे वैज्ञानिक विधियों से पुनर्जीवित किया गया है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
इसके बाद राज्यपाल नैनीताल जनपद के विश्वप्रसिद्ध कैंची धाम पहुंचे और बाबा नीब करौरी महाराज के पावन आश्रम में दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। उन्होंने बाबा नीब करौरी महाराज को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए प्रदेश, देश और समस्त मानवता के सुख, शांति व कल्याण की कामना की।
राज्यपाल ने कहा कि बाबा नीब करौरी महाराज का जीवन सेवा, करुणा, भक्ति और मानव कल्याण के आदर्शों से परिपूर्ण रहा है तथा उनके संदेश आज भी समाज को सकारात्मक दिशा दे रहे हैं। उन्होंने कैंची धाम को केवल धार्मिक स्थल न बताते हुए कहा कि यह आध्यात्मिक ऊर्जा, सेवा और लोकमंगल का जीवंत केन्द्र है, जहाँ देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु आस्था व आत्मिक शांति का अनुभव करते हैं।
अंत में उन्होंने आश्रम परिसर का अवलोकन कर वहां की आध्यात्मिक और सेवा गतिविधियों की सराहना की तथा आश्रम प्रबंधन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु किए जा रहे कार्यों को प्रशंसनीय बताया।
