उत्तराखण्ड
कर्नल सोनम वांगचुक की वीरगाथा नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत : राज्यपाल

राज्यपाल ने कहा कि एक सैन्य अधिकारी के रूप में उन्हें कर्नल सोनम वांगचुक के साथ निकटता से कार्य करने का अवसर मिला। उन्होंने उनके निडर नेतृत्व, स्पष्ट निर्णय क्षमता और राष्ट्र के प्रति निस्वार्थ समर्पण को याद करते हुए उन्हें “एक सच्चे वीर, एक स्नो वॉरियर और भारत माता के गौरवशाली सपूत” बताया।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन विजय के दौरान लद्दाख स्काउट्स के 40 सैनिकों का नेतृत्व करते हुए कर्नल सोनम वांगचुक ने अत्यंत प्रतिकूल परिस्थितियों में अदम्य साहस और उत्कृष्ट नेतृत्व का परिचय दिया, जिसे सदैव याद रखा जाएगा।
राज्यपाल ने कहा कि कर्नल सोनम वांगचुक का जीवन आत्मानुशासन, करुणा, कर्तव्यनिष्ठा और अटूट राष्ट्रनिष्ठा का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि महान नेतृत्व पद से नहीं, बल्कि आचरण, साहस और त्याग से स्थापित होता है तथा उनका जीवन नई पीढ़ी के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
राज्यपाल ने एहसास ’81’ फाउंडेशन की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र की शक्ति केवल उसकी सीमाओं की सुरक्षा में नहीं, बल्कि अपने वीरों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता में भी निहित होती है। जो समाज अपने नायकों को स्मरण रखता है, वही आने वाली पीढ़ियों में चरित्र, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के संस्कार विकसित करता है।
मॉडर्न स्कूल परिवार को बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चरित्र निर्माण की प्रथम प्रयोगशाला होता है। जिस परिसर में कर्नल सोनम वांगचुक ने अपने छात्र जीवन की शुरुआत की थी, उसी परिसर में आज उनकी जीवनगाथा नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनकर प्रस्तुत की जा रही है।

