उत्तराखण्ड
छात्रों का संघर्ष जीता, सरकार का अहंकार टूटा; शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत : सुमित हृदयेश

हल्द्वानी,,देशभर में शिक्षा व्यवस्था में सुधार, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और छात्रों के अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद हल्द्वानी महानगर कांग्रेस कमेटी ने विधायक सुमित हृदयेश के नेतृत्व में छात्रों एवं युवाओं का मुंह मीठा कर इस घटनाक्रम का स्वागत किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने इसे शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने और सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत बताया।
विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि यह किसी एक मंत्री के इस्तीफे का नहीं, बल्कि देशभर के लाखों छात्र-छात्राओं, युवाओं और आम जनमानस के लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत का क्षण है। उन्होंने कहा कि यह जनआंदोलन और लोकतंत्र की शक्ति की विजय है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा इस बात का प्रमाण है कि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ को लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता और जनदबाव के आगे सरकार को जवाबदेह होना ही पड़ता है।
उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लगातार छात्रों और युवाओं के मुद्दों को संसद से लेकर सड़क तक मजबूती से उठाया तथा उनके संघर्ष को राष्ट्रीय स्तर पर आवाज़ दी। विधायक ने कहा कि अब केवल इस्तीफा पर्याप्त नहीं है, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक एवं स्थायी सुधार किए जाने चाहिए। साथ ही उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रदेश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित रहे और परीक्षा प्रणाली में उनका विश्वास और मजबूत हो।
हल्द्वानी महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट ने कहा कि यह देश के युवाओं की एकजुटता, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनआंदोलन की शक्ति की जीत है। उन्होंने कहा कि छात्रों ने शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ बुलंद की, जिसके परिणामस्वरूप सरकार को जवाबदेही स्वीकार करनी पड़ी। कांग्रेस शुरू से ही छात्रों और युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी रही है और आगे भी शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, निष्पक्ष एवं छात्र हितैषी बनाने के लिए हर लोकतांत्रिक संघर्ष में उनकी आवाज़ बनकर कार्य करती रहेगी।
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने छात्रों और युवाओं का मुंह मीठा कराया तथा इसे शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत बताया। उपस्थित सभी लोगों ने देश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था के लिए अपने संकल्प को दोहराया।
इस अवसर पर हरीश मेहता, हेमंत बगड़वाल, एन.बी. गुणवंत, डॉ. केदार पलड़िया, मलय बिष्ट, बहादुर बिष्ट, सुहैल सिद्दीकी, मधु सांगूड़ी, नीमा भट्ट, साइमा सिद्दीकी, मंजू पांडे, हेम जोशी, खिम सिंह चौहान, महेंद्र कुमार, हेम पांडे, जाकिर हुसैन, मोहन बिष्ट, मुकुल बलुटिया, हेमंत शर्मा, विनोद दानी, एडवोकेट धर्मवीर, हेमंत साहू, संदीप भैसोड़ा, महेशानंद, राजू रावत, कौशलेंद्र भट्ट, किशन अनेरिया, मन्नू गोस्वामी, संजू उप्रेती, अमित रावत, सुदर्शन परमार, शंकर कोहली, पंकज बिष्ट सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं छात्र-युवा उपस्थित रहे।


