उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय में कौशल विकास कार्यशाला आयोजित, हॉस्पिटैलिटी और होमस्टे क्षेत्र में रोजगार के अवसरों पर मिला मार्गदर्शन

हल्द्वानी ,,10 जुलाई। उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू), हल्द्वानी के पर्यटन, आतिथ्य एवं होटल प्रबंधन विद्यालय द्वारा कॉमनवेल्थ एजुकेशनल मीडिया सेंटर फॉर एशिया (CEMCA), नई दिल्ली के सहयोग से “हॉस्पिटैलिटी, उद्यमिता एवं रोजगारपरकता (Hospitality, Entrepreneurship and Employability)” विषय पर एक दिवसीय कौशल विकास कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में कौशल आधारित शिक्षा, रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना रहा।
कार्यशाला एनसीवीईटी (NCVET) द्वारा अनुमोदित “असिस्टेंट होमस्टे मैनेजर (NSQF लेवल-5)” योग्यता पैक के अनुरूप आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन केंद्र (CIQA) के निदेशक प्रो. गिरिजा प्रसाद पाण्डे ने की, जबकि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी कार्यक्रम के संरक्षक रहे।
कार्यशाला में प्रतिभागियों को असिस्टेंट होमस्टे मैनेजर पाठ्यक्रम की संरचना, उपयोगिता और इसके माध्यम से मिलने वाले रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही उत्तराखण्ड जैसे पर्यटन प्रधान राज्य में होमस्टे आधारित उद्यमिता की संभावनाओं तथा कौशल आधारित शिक्षा के महत्व पर भी विशेष चर्चा की गई।
विशेषज्ञ वक्ता के रूप में इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम), देहरादून के प्रधानाचार्य डॉ. शिव मोहन तथा जी. बी. पंत इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, हल्द्वानी के निदेशक डॉ. आदर्श पंत ने प्रतिभागियों को हॉस्पिटैलिटी उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं, होमस्टे प्रबंधन, उद्यमिता, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों तथा व्यावहारिक कौशल विकास के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत, दीप प्रज्ज्वलन एवं विश्वविद्यालय कुलगीत के साथ हुआ। कार्यशाला का परिचय एवं उद्देश्य डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय, सहायक आचार्य, पर्यटन, आतिथ्य एवं होटल प्रबंधन विद्यालय ने प्रस्तुत किया।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. गिरिजा प्रसाद पाण्डे ने कहा कि कौशल आधारित शिक्षा आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे पाठ्यक्रम युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विशेष रूप से उत्तराखण्ड में होमस्टे आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना समय की मांग है।
कार्यक्रम में पर्यटन विद्यालय के निदेशक प्रो. एम. एम. जोशी, व्यावसायिक अध्ययन विद्यालय के निदेशक प्रो. आशुतोष कुमार भट्ट, निदेशक (अकादमिक) प्रो. पी. डी. पंत, डॉ. अखिलेश सिंह, डॉ. विशाल कुमार शर्मा, डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय, डॉ. आशीष टम्टा, डॉ. गोपाल दत्त, डॉ. सुधीर नौटियाल, डॉ. विवेक ममगाई, सुश्री प्रिया बोरा, सुश्री रिया गिरी सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय पर्यटन, आतिथ्य एवं होटल प्रबंधन विद्यालय द्वारा किया गया। अंत में प्रो. पी. डी. पंत, निदेशक (अकादमिक) ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी रोजगारोन्मुखी एवं कौशल आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।



