उत्तराखण्ड
SIR में मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तारीख बढ़ी, 3 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम सूची
हल्द्वानी, 10 सितंबर। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम को लेकर गुरुवार को तहसील सभागार हल्द्वानी में मान्यता प्राप्त राजनीति


बैठक में बताया गया कि प्रारूप-6, 7 और 8 से संबंधित दावे-आपत्तियों पर नोटिस एवं सुनवाई की प्रक्रिया अब 28 सितंबर 2026 तक चलेगी। इसके बाद मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 3 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित है।
अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी मतदाता की प्रविष्टि DSE/PSE में चिन्हित होने मात्र से उसका नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा। पहले यह सत्यापित किया जाएगा कि चिन्हित प्रविष्टियां वास्तव में एक ही व्यक्ति की हैं या अलग-अलग मतदाताओं की।
यदि किसी मतदाता का नाम एक से अधिक स्थानों पर पाया जाता है तो उसकी वर्तमान निवास स्थिति और अन्य विवरण की पुष्टि की जाएगी। मतदाता की पसंद के अनुसार एक स्थान पर प्रविष्टि बरकरार रखते हुए अन्य स्थानों से नियमानुसार नाम हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
संबंधित मतदाता को फारमेट-ए में पंजीकृत या स्पीड पोस्ट के माध्यम से नोटिस भेजा जाएगा। नोटिस जारी होने की तारीख से 15 दिन के भीतर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलने पर बूथ लेवल अधिकारी (BLO) संबंधित पते पर जाकर सत्यापन करेगा।
अपर जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से कहा कि वे अपने स्तर से मतदाताओं को SIR और DSE/PSE प्रक्रिया की सही एवं तथ्यात्मक जानकारी दें तथा किसी भी भ्रम की स्थिति को दूर करने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया का उद्देश्य किसी वास्तविक मतदाता का नाम अनावश्यक रूप से हटाना नहीं, बल्कि संभावित मल्टीपल एंट्री को चिन्हित कर उसका सत्यापन करना है।
बैठक में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के अलावा सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी एचडी पांडे एवं संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

















