उत्तराखण्ड
सड़क सुरक्षा से समझौता नहीं, ब्लैक स्पॉट पर तत्काल सुरक्षात्मक उपाय करें: डीएम आशीष भटगांई


पिथौरागढ़, 10 सितंबर। जनपद में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। बैठक में सड़क सुरक्षा कार्यों, जागरूकता अभियानों, दुर्घटना संभावित स्थलों यानी ब्लैक स्पॉट के सुधार और यातायात व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। दुर्घटना संभावित स्थलों को चिन्हित कर वहां तत्काल आवश्यक सुधारात्मक एवं सुरक्षात्मक कार्य किए जाएं। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से प्रभावी कार्ययोजना बनाकर कार्य करें और सड़क सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें।
डीएम ने लोक निर्माण विभाग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अधिकारियों को ग्रामीण एवं मुख्य सड़कों पर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवश्यकता के अनुसार क्रैश बैरियर, पैराफिट, साइन बोर्ड, डेलिनेटर, रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेतक लगाने को कहा। सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण सामग्री से तय समय-सीमा में पूरा करने तथा सड़क किनारे लगे सुरक्षा उपकरणों की नियमित निगरानी के भी निर्देश दिए।
स्कूल बसों का हुआ सुरक्षा ऑडिट
बैठक में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) शिवांश काण्डपाल ने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा आमजन, विद्यार्थियों और वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विद्यालयों और महाविद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को यातायात नियमों, हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग तथा सुरक्षित वाहन संचालन की जानकारी दी गई।
उन्होंने बताया कि जनपद में स्कूल बसों की विशेष चेकिंग और सुरक्षा ऑडिट किया गया। इस दौरान वाहनों की फिटनेस, सुरक्षा उपकरणों और निर्धारित मानकों एवं नियमों के अनुपालन की जांच की गई। इसके अलावा रेडियो के माध्यम से सड़क सुरक्षा जागरूकता संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए तथा नगर क्षेत्र में सड़क सुरक्षा से संबंधित पेंटिंग और चिन्हांकन कार्य भी कराया गया।
ब्लैक स्पॉट पर बढ़ाई जाएगी निगरानी
बैठक में बताया गया कि जनपद में चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर दुर्घटनाओं की संभावना कम करने के लिए पैराफिट, साइन बोर्ड, डेलिनेटर समेत विभिन्न सुरक्षात्मक व्यवस्थाएं की गई हैं। जिलाधिकारी ने इन स्थानों की निरंतर निगरानी करने और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय तत्काल लागू करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी है। इसे जन आंदोलन का स्वरूप देते हुए विद्यालयों, महाविद्यालयों, परिवहन विभाग, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के समन्वय से व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए तथा यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए। इसका उद्देश्य जनपद में सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम करना है।
बैठक में अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग जीवन सिंह ह्यांकि, पुलिस उपाधीक्षक गोविंद बल्लभ जोशी, एआरटीओ (प्रवर्तन) शिवांश काण्डपाल सहित परिवहन, लोक निर्माण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, शिक्षा एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

















