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उत्तराखण्ड

महालक्ष्मी धाम में मां अवंतिका के दिव्य दर्शन से अभिभूत हुए नितिन नवीन और सीएम धामी

 

‘आदि शक्ति मां अवंतिका’ पुस्तक भेंट कर किया अभिनंदन, सांसद अजय भट्ट सहित मंदिर समिति के पदाधिकारी रहे मौजूद

बेरीपड़ाव/हल्द्वानी। बेरीपड़ाव स्थित सुप्रसिद्ध सिद्धपीठ अष्टादश भुजा माता महालक्ष्मी मंदिर में गुरुवार को आध्यात्मिक एवं गरिमामयी वातावरण देखने को मिला। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के दूसरे दिन के सत्र के आरंभ से पूर्व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। दोनों नेताओं ने देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना करते हुए मां भगवती के चरणों में शीश नवाया।

पूजा-अर्चना के उपरांत मंदिर समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण खाती ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ‘आदि शक्ति मां अवंतिका’ पुस्तक भेंट की। इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, पुस्तक के लेखक रमाकान्त पन्त तथा मंदिर के मुख्य आचार्य पं. चन्द्रशेखर जोशी भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं का मां भगवती की पावन चुनरी एवं मंगल पट्टिका पहनाकर श्रद्धापूर्वक अभिनंदन किया गया।

सांसद अजय भट्ट ने कहा कि ‘आदि शक्ति मां अवंतिका’ क्षेत्र की समृद्ध धार्मिक एवं ऐतिहासिक धरोहर का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। यह पुस्तक देवभूमि की शक्ति परंपरा और आध्यात्मिक चेतना को जन-जन तक पहुंचाने का सराहनीय प्रयास है। उन्होंने लेखक रमाकान्त पन्त के शोध एवं प्रयासों की प्रशंसा की।

कार्यक्रम में वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी सोमेश्वर यति महाराज ने कहा कि ‘आदि शक्ति मां अवंतिका’ केवल पुस्तक नहीं, बल्कि सनातन धर्म और शक्ति उपासना की परंपरा को समझने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि यह कृति युवा पीढ़ी को धर्म, संस्कृति और लोक आस्था से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मां अवंतिका की महिमा का स्मरण करते हुए कहा कि मां का आशीर्वाद अनादि काल से देवभूमि पर बना हुआ है। उनकी कृपा और पावन ऊर्जा प्रदेश को सुख, शांति एवं समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ाने की प्रेरणा देती है।

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी पुस्तक का अवलोकन किया और इसमें शामिल ऐतिहासिक संदर्भों, सांस्कृतिक विषय-वस्तु एवं शोध कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसी कृतियां आने वाली पीढ़ियों को सनातन परंपरा और देवभूमि की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

मंदिर समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण खाती ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मां अवंतिका से जुड़ी यह पुस्तक धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।

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