उत्तराखण्ड
अल्पसंख्यक बच्चों की उच्च शिक्षा पर विशेष फोकस, काठगोदाम में हुई समीक्षा बैठक
पवनीत सिंह 
राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी ने बुधवार को सर्किट हाउस काठगोदाम में जनपद नैनीताल के अल्पसंख्यक बच्चों की उच्च शिक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में मदरसों के प्रबंधकों, धर्मगुरुओं, उलेमा तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
डॉ. गांधी ने कहा कि अल्पसंख्यक समाज के बच्चों को उच्च शिक्षा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि छात्रवृत्ति, कोचिंग, करियर मार्गदर्शन सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र छात्र तक समयबद्ध तरीके से पहुंचे। साथ ही मिड-डे मील योजना का लाभ भी सभी अध्ययनरत बच्चों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान धर्मगुरुओं और उलेमाओं ने मदरसों में शिक्षा व्यवस्था, आधारभूत सुविधाओं और मान्यता से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को उठाया। इस पर डॉ. गांधी ने सभी विषयों पर गंभीरता से विचार करते हुए उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जिन विषयों पर तत्काल निर्णय संभव नहीं है, उन्हें अगली बैठक में विस्तार से शामिल किया जाएगा।
ओबीसी आयोग के सदस्य डॉ. जेड. ए. वारसी ने कहा कि नई शिक्षा नीति के माध्यम से अल्पसंख्यक बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव है और मुख्यधारा की शिक्षा से जुड़कर ही समाज और बच्चों का भविष्य अधिक उज्ज्वल बनाया जा सकता है। प्रोफेसर हामिद अली एवं डॉ. एलवा एड्रिनल ने भी शिक्षा और सामाजिक विकास से जुड़े अपने विचार साझा किए।
बैठक में मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ. रणजीत सिंह नेगी को निर्देश दिए गए कि वे मदरसों में शैक्षिक गुणवत्ता, शिक्षकों की उपलब्धता तथा आधारभूत सुविधाओं का नियमित निरीक्षण करें और अल्पसंख्यक बच्चों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाएं।
बैठक में ओबीसी आयोग के सदस्य डॉ. जेड. ए. वारसी, प्रोफेसर हामिद अली, डॉ. एलवा एड्रिनल, मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ. रणजीत सिंह नेगी, मदरसा धर्मगुरु मौलाना एस. राजा सहित जनपद के विभिन्न मदरसों के धर्मगुरु, उलेमा एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

