उत्तराखण्ड
अंतिम बड़े मंगल पर राज्यपाल ने हनुमानगढ़ी मंदिर में की पूजा-अर्चना

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि हनुमानगढ़ी की आध्यात्मिक ऊर्जा और दिव्य वातावरण भारतीय संस्कृति के उन सनातन मूल्यों की स्मृति कराते हैं, जो सेवा, समर्पण, साहस और लोककल्याण का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ी जैसे आस्था केंद्र हमारी आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण प्रतीक हैं, जो समाज को सेवा, समर्पण तथा राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा प्रदान करते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल न केवल श्रद्धा के केंद्र हैं, बल्कि सामाजिक एकता, नैतिक मूल्यों और जनकल्याण की भावना को भी सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों के जीवन में सुख-शांति और समृद्धि की मंगलकामना की।

















