उत्तराखण्ड
वन्दे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर मेहंदी में उकेरा राष्ट्रप्रेम, यूओयू में रचनात्मक प्रतियोगिता का आयोजन
हल्द्वानी, 10 अगस्त 2026। उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय में ‘वन्दे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित विविध कार्यक्रमों की श्रृंखला का शुभारंभ सोमवार को सामूहिक ‘वन्दे मातरम्’ गायन के साथ हुआ। प्रातः 10 बजे आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम के प्रारंभ में नोडल अधिकारी प्रोफेसर रेनू प्रकाश ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। एसोसिएट प्रोफेसर शांशक शुक्ला ने ‘वन्दे मातरम्’ के ऐतिहासिक एवं राष्ट्रीय महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह गीत भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रभक्ति, जन-जागरण और राष्ट्रीय चेतना का महत्वपूर्ण प्रतीक रहा है। उन्होंने कहा कि ‘वन्दे मातरम्’ की भावना आज भी देश की एकता और राष्ट्रप्रेम को मजबूत करने का संदेश देती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर नवीन चन्द्र लोहनी ने की। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में राष्ट्रप्रेम और देशभक्ति की भावना को केंद्र में रखते हुए मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के शिक्षार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
प्रतिभागियों ने मेहंदी की कलात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता, स्वतंत्रता संग्राम तथा भारतीय संस्कृति के विभिन्न आयामों को रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया। प्रतिभागियों ने अपने हाथों पर ‘वन्दे मातरम्’ से संबंधित आकर्षक एवं सृजनात्मक डिजाइनों को उकेरकर देशभक्ति की भावना को कलात्मक रूप प्रदान किया।
प्रतियोगिता में प्रतिभागियों की कला, विषय-वस्तु की प्रासंगिकता, मौलिकता, सौंदर्यबोध एवं प्रस्तुतीकरण के आधार पर निर्णायक मंडल में शामिल प्रोफेसर मंजरी अग्रवाल, डॉ. नीरजा सिंह एवं डॉ. कल्पना लखेरा ने मूल्यांकन किया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों में देशभक्ति, सांस्कृतिक चेतना, रचनात्मकता एवं राष्ट्रीय मूल्यों को बढ़ावा देने के साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में स्वस्थ, सकारात्मक एवं सहभागितापूर्ण वातावरण का निर्माण करती हैं।
नोडल अधिकारी प्रोफेसर रेनू प्रकाश ने बताया कि प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को 15 अगस्त 2026 को प्रशस्ति-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।कार्यक्रम में प्रोफेसर पी.डी. पंत, प्रोफेसर राकेश रयाल, डॉ. सीता, डॉ. देवकी सिरोला, डॉ. गोपाल सिंह गौनिया, डॉ. नमिता वर्मा, डॉ. किशोर कुमार, श्रीमती शैलजा, रेनू भट्ट, ज्योति शर्मा सहित विभिन्न विद्याशाखाओं के निदेशक, शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित 





