उत्तराखण्ड
सोशल मीडिया पर सिख समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी — हल्द्वानी में तहरीर, निष्पक्ष जांच व कड़ी कार्रवाई की मांग

तहरीर के अनुसार, अनिल मैखुरी नामक एक युवक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें सिख समुदाय के प्रति विवादास्पद और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया। यह वीडियो देखकर समुदाय के लोगों में गुस्सा और आक्रोश फैल गया, जिसके बाद सिख समाज के युवाओं और प्रतिनिधियों ने मिलकर कोतवाली में मामला दर्ज करने की मांग की। तहरीर को सिख प्रतिनिधियों गुरप्रीत सिंह प्रिन्स, परमजीत सिंह पम्मा, मनप्रीत सेठी, इंदरपाल सिंह, बनप्रीत नागपाल, बलवीर सिंह, गुरजीत कोहली, इंदरजीत सिंह, अमनपाल पिंडी, जसप्रीत चड्ढा, हरप्रीत नागपाल, पवन नागपाल, गुरविंदर भसीन, तरनप्रीत बिन्द्रा, बलविंदर धवन, जसमीत छाबड़ा सहित कई अन्य प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षरित किया।
प्रतिनिधियों का कहना है कि सिख समाज सदैव देश की एकता, सहिष्णुता और सामाजिक समरसता का हिमायती रहा है। किसी भी धर्म या समुदाय के प्रति अपमानजनक言語 (भाषा) और भड़काऊ सामग्री सामाजिक शांति के लिए खतरनाक है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया कि घटना की त्वरित और निष्पक्ष जांच कर धर्मविशेष के खिलाफ भड़काऊ टिप्पणी करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध बलपूर्वक कानूनी प्रावधान लागू किए जाएँ ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृति रोकी जा सके।
स्थानीय युवाओं ने भी जोर देकर कहा कि सोशल मीडिया पर अपुष्ट सूचनाओं और भावनात्मक रूप से भड़काऊ वीडियो के प्रसार से बचा जाना चाहिए। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे बिना सत्यापन के कोई भी कंटेंट साझा न करें और आपसी भाईचारे को बनाए रखने में मदद करें। प्रतिनिधियों ने कहा कि समुदाय शांति बनाए रखने तथा संवाद के जरिए समस्याओं का समाधान चाहتا है, न कि उत्तेजना और प्रतिशोध को बढ़ावा।
शहर के नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने इस घटना पर चिंता जताई है। कई सामाजिक कार्यकर्ता और धर्मनिरपेक्ष समूहों ने भी प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है तथा समुदायों के बीच संवाद बढ़ाने के लिए शांति बैठकें आयोजित करने का सुझाव दिया है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने अभी तहरीर प्राप्त होने की पुष्टि की है और कहा है कि मामले की जांच की जा रही है; आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। (नोट: पुलिस द्वारा औपचारिक आरोप या एफआईआर दर्ज करने की स्थिति और प्रक्रिया पर आगे की पुष्टि अपेक्षित है।)
सिख प्रतिनिधि और उपस्थित जन समूह ने यह स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य व्यक्तिगत प्रतिशोध नहीं बल्कि कानूनी और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी धार्मिक भावनाओं की रक्षा करना और समाज में शांति बनाए रखना है। उन्होंने प्रशासन से यह भी आग्रह किया कि सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर भड़काऊ सामग्री पर निगरानी बढ़ाई जाए और ऐसी सामग्री के प्रसार पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएँ।
