उत्तराखण्ड
पार्षद शैलेन्द्र सिंह दानू के प्रयास से रात्रि में किया का डामरीकरण,

ण कर रहे हैं।
पार्षद दानू ने बताया कि सीवर लाइन डालने की प्रक्रिया के कारण दिन के समय सड़क पर भारी भीड़ और मार्ग बाधित हो रही थी, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा था। “आम जनमानस को किसी प्रकार की दिक्कत बर्दाश्त नहीं होगी,” दानू ने कहा। उन्होंने आगे बताया कि यही कारण है कि उन्होंने स्वयं मिक्सर प्लांट जाकर डंपर मंगवाए और सामग्री व संसाधन उपलब्ध कराने में मदद की ताकि काम जल्दी और प्रभावी ढंग से पूरा हो सके।
जल निगम के जेई एमडी भट्ट ने बताया कि सीवर लाइन बिछाने का काम निर्धारित समय में पूरा हो चुका है और अब सतह पर डामरीकरण का कार्य किया जा रहा है ताकि सड़क सुरक्षात्मक और यातायात योग्य बन सके। भट्ट ने कहा, “रात में डामरीकरण करने का उद्देश्य यह है कि दिन के समय जनता को कम से कम असुविधा हो और ट्रैफिक सुचारू रूप से चलता रहे।”
स्थानीय अधिवासियों ने पार्षद की पहल की सराहना की, लेकिन कुछ लोगों ने चिंता भी जताई कि रात में डामरीकरण के कारण शोर और ठोस सामग्री से कुछ समय के लिए परेशानी हो सकती है। एक निवासी ने कहा, “काम जरूरी है, पर अगर समय का ध्यान न रखा गया तो रात में नींद पर असर पड़ता है।”
सुपरवाइजर मदन बिष्ट ने बताया कि कार्य गुणवत्ता पर खास ध्यान दिया जा रहा है और आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू कर दिए गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि आगामी 24-48 घंटों के भीतर डामरीकरण का बड़ा हिस्सा पूरा कर लिया जाएगा और आवश्यक होने पर ट्रैफिक संकेत एवं बारी-वार मार्गों का प्रबंध किया जाएगा।
