उत्तराखण्ड
एनजीटी सदस्य डॉ. अफरोज अहमद ने की पर्यावरणीय योजनाओं की समीक्षा, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों की सराहना

नैनीताल,02 जून 2026 । राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के सदस्य न्यायमूर्ति डॉ. अफरोज अहमद ने मंगलवार को नैनीताल क्लब में जिले की पर्यावरणीय स्थिति एवं एनजीटी के आदेशों के अनुपालन की समीक्षा बैठक की। उन्होंने नैनीताल जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि नदी-नालों, प्राकृतिक जल स्रोतों, जलधाराओं और नौलों का संरक्षण पहाड़ों की प्राकृतिक सुंदरता बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में नैनी झील और उसके जलागम क्षेत्र के संरक्षण, वायु एवं जल गुणवत्ता प्रबंधन, ठोस एवं तरल अपशिष्ट निस्तारण, झीलों और नदी किनारों पर अवैध निर्माणों की रोकथाम तथा वन एवं जैव विविधता संरक्षण जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। न्यायमूर्ति डॉ. अहमद ने नैनी झील में प्रदूषण रोकने, झील के चारों ओर ड्रेनेज सिस्टम को सुदृढ़ करने तथा सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की क्षमता बढ़ाने के लिए शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए उपयुक्त स्थान का चयन अनिवार्य है और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इसका प्रभाव किसी नदी, नाले या जल स्रोत पर न पड़े। पर्यटन सीजन में बढ़ने वाले कचरे के मद्देनजर विशेष कार्ययोजना तैयार करने तथा नगरीय क्षेत्रों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों से एनजीटी के आदेशों के अनुपालन की रिपोर्ट ली गई तथा लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण और त्रैमासिक अनुपालन रिपोर्ट एनजीटी को भेजने के निर्देश दिए गए। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनभागीदारी बढ़ाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता भी बताई।
कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने बैठक में मण्डल में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि जनपद ऊधम सिंह नगर के रुद्रपुर में पुराने ठोस अपशिष्ट डंप का शत-प्रतिशत निस्तारण किया जा चुका है। उन्होंने नैनीताल में एसटीपी निर्माण के लिए भूमि चयन, नई सीवरेज लाइन हेतु 121 करोड़ रुपये के प्रस्ताव तथा सूखाताल पुनर्जीवन परियोजना की प्रगति से भी अवगत कराया।
आयुक्त ने विभिन्न नगरीय क्षेत्रों में ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए भूमि की कमी, एलईडी प्रकाश प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण जैसे मुद्दों की ओर भी एनजीटी सदस्य का ध्यान आकर्षित किया। साथ ही हल्द्वानी नगर निगम द्वारा ‘बैणी सेना’ के माध्यम से कूड़ा संग्रहण की अभिनव पहल की जानकारी दी, जिसकी न्यायमूर्ति डॉ. अहमद ने सराहना की।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि जिले के नगरीय क्षेत्रों से प्रतिदिन लगभग 230 मीट्रिक टन कचरा एकत्र कर हल्द्वानी के गोलापार स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड भेजा जाता है। वहां 250 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता वाली आधुनिक कचरा निस्तारण मशीन शीघ्र स्थापित की जा रही है। उन्होंने बताया कि ट्रंचिंग ग्राउंड में जमा 2.27 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे में से 1.75 लाख मीट्रिक टन का निस्तारण किया जा चुका है तथा शेष कचरे के निस्तारण की प्रक्रिया जारी है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डे, प्रभागीय वनाधिकारी आकाश गंगवार, पुलिस अधीक्षक जगदीश चंद्र, अपर जिलाधिकारी सौरभ असवाल, नगर आयुक्त परितोष वर्मा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
