उत्तराखण्ड
कम उम्र में बड़ा मुकाम, मोहम्मद ज़ैद ने पुस्तक लेखन से बनाया विश्व रिकॉर्ड
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मोहम्मद ज़ैद, हल्द्वानी की जानी-मानी शख्सियत कारी मोहम्मद बाबर अली साहब के पुत्र हैं। कम उम्र में उन्होंने लेखन के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाते हुए उद्यमिता, स्टार्टअप और सफल संस्थापकों की यात्राओं को पुस्तक के माध्यम से युवाओं तक पहुंचाने का प्रयास किया है।
ज़ैद की पुस्तक की खासियत यह है कि इसमें केवल उद्यमिता के सैद्धांतिक पहलुओं को ही नहीं समझाया गया है, बल्कि विभिन्न सफल स्टार्टअप्स और उनके संस्थापकों की प्रेरणादायक यात्राओं को वास्तविक जीवन पर आधारित केस स्टडीज के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि किसी भी सफल उद्यम की नींव केवल एक अच्छे विचार से नहीं पड़ती, बल्कि उसके लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन, धैर्य और असफलताओं से सीखने की क्षमता भी जरूरी होती है।
‘फ्यूल फॉर द फाउंडर्स’ का उद्देश्य युवाओं को अपने विचारों को व्यावहारिक रूप देने, व्यवसाय शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ने तथा असफलताओं से निराश होने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। पुस्तक में सफलता की राह में आने वाली चुनौतियों और उनसे निपटने के तरीकों को भी सरल एवं प्रेरणादायक ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
मोहम्मद ज़ैद की इस उपलब्धि से उनके परिवार, मित्रों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। हल्द्वानी से निकलकर लेखन और उद्यमिता के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने की उनकी यह उपलब्धि स्थानीय युवाओं के लिए भी प्रेरणादायी मानी जा रही है।
ज़ैद की उपलब्धि यह संदेश देती है कि उम्र किसी बड़े लक्ष्य की राह में बाधा नहीं है। यदि लक्ष्य के प्रति जुनून, निरंतर प्रयास, अनुशासन और सीखने की इच्छा हो तो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े मुकाम हासिल किए जा सकते हैं। उनकी पुस्तक और रिकॉर्ड उपलब्धि निश्चित रूप से उत्तराखंड के युवाओं को अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करने वाली है।



