उत्तराखण्ड
नशा मुक्त भारत के संकल्प के साथ हल्द्वानी में 10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान का शुभारंभ




हल्द्वानी, 9 अगस्त। नशे के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने और युवाओं को सकारात्मक एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत 10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान का शुभारंभ हल्द्वानी के रामपुर रोड स्थित ब्रह्माकुमारीज राजयोग केंद्र में किया गया।
अभियान के अंतर्गत लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए नशे से स्वयं दूर रहने और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी नशे से बचाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने तथा नशे से दूर रहने की प्रतिज्ञा ली।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एसपी ट्रैफिक एवं क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र, आईटीबीपी कमांडेंट राजेश कुमार जोशी, शिक्षिका डॉ. मुन्नी जोशी, सेवानिवृत्त वरिष्ठ नर्सिंग अधीक्षक बीके माया बिष्ट, बीके नीलम दीदी, बीके बीना दीदी, बीके सुरेंद्र भुटियानी और बीके कमलेश पंत ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
वक्ताओं ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि इससे परिवार, सामाजिक वातावरण और युवा पीढ़ी भी प्रभावित होती है। नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकने के लिए केवल प्रशासन और पुलिस के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को जागरूकता अभियान का हिस्सा बनना होगा।
कार्यक्रम के दौरान नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों पर भी प्रकाश डाला गया। लोगों से आह्वान किया गया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें। विशेष रूप से युवाओं को शिक्षा, खेल, योग, ध्यान और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़कर सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।
ब्रह्माकुमारीज की ओर से बताया गया कि 10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान का उद्देश्य व्यापक स्तर पर लोगों को नशामुक्ति के संकल्प से जोड़ना और समाज में नशे के खिलाफ सामूहिक चेतना विकसित करना है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने नशामुक्त भारत के निर्माण के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प दोहराया।



