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उत्तराखण्ड

नैनीताल की घटना को लेकर श्रमिक संयुक्त मोर्चा ने उपजिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन,


रूद्रपुर,,श्रमिक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले आज विभिन्न संगठनों ने नैनीताल में दुष्कर्म पीड़िता को फास्ट्रेक कोर्ट में न्याय व अपराधी को सजा दिलाने, अपराधिक घटना की आड़ में सांप्रदायिक माहौल खराब करने की कोशिशें पर रोक लगाने, शैला नेगी से दुष्कर्म करने की धमकी देने वालों के खिलाफ कार्यवाही करने सहित तमाम मांगों पर मुख्यमंत्री महोदय को संबोधित ज्ञापन एडीएम महोदय को सौंपा।

इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश में लगातार महिलाओं के खिलाफ दुष्कर्म के मामले बढ़ते जा रहे हैं। परंतु दुष्कर्म के मामले फास्ट ट्रैक कोर्ट में नहीं भेजे जा रहे हैं। नैनीताल में 12 वर्षीय पीड़ित बालिका की मेडिकल जांच 5 दिन बाद हुई। यह न्याय पाने की दिशा में चिंताजनक है। एक और चिंताजनक बात है कि इस अपराधिक वारदात की आड़ में सांप्रदायिक माहौल खराब करने की कोशिश लगातार सांप्रदायिक ताकतें कर रही है। अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय की दुकानों –मस्जिद में तोड़ फोड़, पुलिस थाने में मुस्लिम दरोगा से धक्का– मुक्की करके सांप्रदायिक माहौल खराब किया जा रहा है। सांप्रदायिक जुलूस में मुस्लिम समुदाय की मां–बहनों को बलात्कार करने वाले नारे लगाए जा रहे थे। जब इसका विरोध शैला नेगी नाम की महिला ने किया तो इन सांप्रदायिक हिंदूवादी संगठनों के लोगों और उनके सोशल मीडिया हैंडलों से शैला नेगी को दुष्कर्म करने की धमकी दी गई। नैनीताल में सांप्रदायिक जुलूसों के कारण 50 करोड़ का पर्यटन कारोबार चौपट हो गया।

इसके साथ ही देहरादून में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाले तत्वों के खिलाफ बोलने पर भाकपा(माले) राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी और महिला मंच की नेता निर्मला बिष्ट को भी धमकी दी गई।

कौमी गुलदस्ता कहे जाने वाले रुद्रपुर शहर में भी हिंदूवादी संगठन के कुछ गुंडा तत्वों द्वारा बाजार में सरेआम दुकानदारों के नाम और जी एस टी रजिस्ट्रेशन चेक करने का अभियान चलाया गया और अल्पसंख्यक दुकानदारों को दुकान का नाम न बदलने पर देख लेने की धमकी दी गई।
ये सब उदाहरण उत्तराखंड में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश है। शासन –प्रशासन ऐसे सांप्रदायिक तत्वों के खिलाफ कार्यवाही करने के बजाय उन्हें संरक्षण दे रहा है।

ज्ञापन में नैनीताल की दुष्कर्म पीड़िता बच्ची को फास्ट ट्रैक कोर्ट में न्याय दिलाने, उसके पुनर्वास के लिए निर्भया फंड का इस्तेमाल करने, शैला नेगी–इंद्रेश मैखुरी–निर्मला बिष्ट को धमकी देने वालों के खिलाफ कार्यवाही करने, नैनीताल– रुद्रपुर व अन्य जगहों पर सांप्रदायिक माहौल खराब करने वाले सांप्रदायिक गुंडा तत्वों पर कार्यवाही करने की मांग की गई।
इस दौरान इंटरार्क मजदूर संगठन के सौरभ कुमार, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के शिवदेव सिंह, इंकलाबी मजदूर केंद्र के कैलाश भट्ट, सुरेंद्र रावत, सी एस टी यू के मुकुल, धीरज जोशी, भाकपा(माले) से ललित मटियाली, अनिता अन्ना, अखिलेश सिंह, विजय शर्मा, जीशान, वीरभद्र, डॉल्फिन मजदूर संगठन की सुनीता, ऐरा श्रमिक संगठन के उपेंद्र राय, सामाजिक कार्यकर्ता मदन मोहन, फिरोज खान, राजेश तिवारी, मसलुद्दीन खान सहित कई लोग उपस्थित थे।

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