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उत्तराखण्ड

निरोगी तन, निर्मल मन और जागृत आत्मा’ के संदेश के साथ मनाया जाएगा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

 

21 जून को हल्द्वानी में संत निरंकारी मिशन और आयुष विभाग के संयुक्त तत्वावधान में होगा विशेष योग कार्यक्रम

 19 जून। ‘निरोगी तन, निर्मल मन और जागृत आत्मा’ के पावन संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से संत निरंकारी मिशन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर व्यापक योग एवं आध्यात्मिक चेतना अभियान का आयोजन किया जा रहा है। सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन में संचालित यह अभियान मानव कल्याण, समग्र स्वास्थ्य और आत्मिक उत्थान को समर्पित है।

संत निरंकारी मिशन शाखा हल्द्वानी एवं आयुष योग एवं आयुर्वेद विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 21 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रातः 6 बजे से 7:45 बजे तक श्री श्री गणपति बैंक्वेट हॉल, जगदम्बा नगर, हल्द्वानी में विशेष योग कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन योगाचार्या पाला मेहता के निर्देशन में किया जाएगा। इस वर्ष योग दिवस की थीम ‘वसुधैव कुटुम्बकम – वन वर्ल्ड, वन हेल्थ’ के अनुरूप योग के माध्यम से वैश्विक स्वास्थ्य और मानवीय एकता का संदेश दिया जाएगा।

सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने अपने प्रेरक संदेश ‘स्वस्थ मन, सहज जीवन’ के माध्यम से कहा है कि जीवन की वास्तविक समृद्धि केवल शारीरिक स्वास्थ्य में नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और आध्यात्मिक जागरूकता में निहित है। उन्होंने मानव शरीर को परमात्मा की अनुपम देन बताते हुए इसकी देखभाल और सुदृढ़ता को जीवन के आध्यात्मिक, सामाजिक और मानवीय दायित्वों के निर्वहन के लिए आवश्यक बताया।

मिशन के अनुसार योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि आत्मबोध, आंतरिक शांति, मानवीय एकता और विश्वबंधुत्व की भावना को विकसित करने वाली समग्र जीवन साधना है। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए मिशन द्वारा 21 जून को देशभर के 1500 से अधिक केंद्रों पर एक साथ योग सत्र आयोजित किए जाएंगे। स्थानीय योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में खुले मैदानों और पार्कों में आयोजित इन कार्यक्रमों में श्रद्धालु, सेवादल स्वयंसेवक और आम नागरिक बढ़-चढ़कर भाग लेंगे।

संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित इस वर्ष के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ है। यह थीम इस बात पर बल देती है कि वास्तविक स्वास्थ्य केवल रोगमुक्त शरीर तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक स्थिरता, भावनात्मक परिपक्वता, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक जागरूकता का समन्वित स्वरूप है।

संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के सचिव जोगिन्दर सुखीजा ने बताया कि फाउंडेशन वर्ष 2015 से लगातार राष्ट्रव्यापी स्तर पर योग दिवस अभियान संचालित कर रहा है। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन और गौरवशाली धरोहर है, जो शरीर को सशक्त बनाने के साथ-साथ मन को स्थिरता, विचारों को सकारात्मकता और आत्मा को चेतना प्रदान करती है। नियमित योगाभ्यास तनाव और जीवनशैली से जुड़ी चुनौतियों पर नियंत्रण पाने में सहायक सिद्ध होता है तथा व्यक्ति को आत्मिक संतोष, मानसिक प्रसन्नता और सामाजिक सद्भाव की दिशा में अग्रसर करता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की व्यस्त और चुनौतीपूर्ण जीवनशैली में संत निरंकारी मिशन का उद्देश्य लोगों को उनके सर्वांगीण स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति जागरूक करना है, ताकि वे योग को अपनी दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाकर स्वस्थ, संतुलित, ऊर्जावान और आनंदमय जीवन की ओर अग्रसर हो सकें।

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