उत्तराखण्ड
हल्द्वानी में उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय का इंडक्शन कार्यक्रम पुनः आयोजित

हल्द्वानी। उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय, आदर्श अध्ययन केंद्र‑16000 के तत्वावधान में 26 अप्रैल 2026 को नवप्रवेशित शिक्षार्थियों के लिए इंडक्शन एवं काउंसलिंग कार्यक्रम का पुनः आयोजन किया गया। कार्यक्रम प्रातः 10:00 बजे विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित हुआ, जिसमें कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी सहित वरिष्ठ शिक्षकों ने दीप प्रज्वलन करके औपचारिक उद्घाटन किया और कुलगीत के माध्यम से एकता तथा उद्देश्य की भावना व्यक्त की।
नवप्रवेशित छात्रों को ODL प्रणाली से परिचित कराया गया
यह कार्यक्रम उन शिक्षार्थियों के लिए आयोजित किया गया था, जो 17 अप्रैल 2026 को हल्द्वानी में आयोजित मुख्य इंडक्शन कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए थे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सत्र जनवरी 2026 के स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट कोर्स के नवीन छात्रों को ऑनलाइन दूरस्थ शिक्षा (ODL) प्रणाली, पाठ्यक्रम, परीक्षा व्यवस्था, अध्ययन सामग्री एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था।
कुलपति ने डिजी‑लॉकर, “हेलो हल्द्वानी FM” पर जोर दिया
दीप्तोद्घाटन सत्र में कुलपति प्रो. लोहनी ने छात्रों को विश्वविद्यालय द्वारा उपलब्ध सुविधाओं, छात्रवृत्ति योजनाओं, डिजी‑लॉकर, रेडियो‑प्लेटफॉर्म “हेलो हल्द्वानी FM” आदि तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर बल दिया। उन्होंने स्व‑अध्ययन सामग्री (SLM) तथा अन्य डिजिटल साधनों के समन्वित उपयोग से अध्ययन में सफलता सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए इंडक्शन एवं समय‑समय पर आयोजित काउंसलिंग सत्रों की महत्ता भी बताई।
विशेषज्ञों ने विभिन्न अकादमिक विषयों पर दी विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम में प्रो. पी.डी. पंत ने विश्वविद्यालय की अकादमिक गतिविधियों एवं अध्ययन सामग्री प्रणाली पर प्रकाश डाला, जबकि प्रो. रेनू प्रकाश ने ODL प्रणाली की विशेषताएँ विस्तार से समझाईं। प्रो. एम.एम. जोशी ने दूरस्थ व मुक्त शिक्षा में अध्ययन केंद्रों के योगदान पर चर्चा की, तो डॉ. सुमित प्रसाद ने प्रवेश प्रक्रिया के तकनीकी पहलुओं को सरल भाषा में स्पष्ट किया। परीक्षा नियंत्रक प्रो. सोमेश कुमार ने परीक्षा व्यवस्था एवं परिणाम घोषणा (15 दिनों के भीतर अधिकांश परीक्षा‑परिणाम) की जानकारी दी, जबकि प्रो. जितेन्द्र पांडे ने कौशल विकास एवं MOOCs की उपयोगिता रेखांकित की।
काउंसलिंग, पुस्तक मेला और भागीदारी
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को समय प्रबंधन, तनाव प्रबंधन और करियर मार्गदर्शन से संबंधित व्यावहारिक सुझाव दिए गए, जिससे उनके शैक्षणिक जीवन की सफल शुरुआत तय करने में सहायता मिली। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में पुस्तक मेले का भी आयोजन किया गया, जिसने कार्यक्रम को और अधिक आकर्षक बना दिया। लगभग 110 शिक्षार्थियों ने ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से भाग लिया, जबकि कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनीषा पंत और समापन डॉ. विनय सिंह रावत ने किया।
इस दौरान उपस्थित पदाधिकारी व शिक्षक कार्यक्रम में सहायक क्षेत्रीय निदेशक श्रीमती रेखा बिष्ट, आदर्श अध्ययन केंद्र हल्द्वानी की प्रशासनिक परामर्शदाता श्रीमती कमला राठौर, श्री प्रदीप पंत, श्री बीना फुलारा, श्री राजेश आर्य तथा अन्य विश्वविद्यालय शिक्षक एवं कर्मचारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। समग्र रूप से यह इंडक्शन एवं काउंसलिंग कार्यक्रम छात्रों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक साबित हुआ।




