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उत्तराखण्ड

फैटी लिवर से लिवर फेलियर तक: बढ़ती समस्या को कैसे रोका जाए

हल्दवानी: आधुनिक जीवनशैली के कारण फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है, जो बिना शराब के सेवन से भी लिवर फेलियर तक पहुंच सकती है। डॉक्टरों के अनुसार, शुरुआती चरण में इसे लाइफस्टाइल बदलाव से रोका और उलटा जा सकता है।

फैटी लिवर के मुख्य कारण

मोटापा, डायबिटीज, प्रोसेस्ड फूड, शुगर-फैट युक्त आहार और व्यायाम की कमी प्रमुख कारक हैं। शहरी क्षेत्रों जैसे हल्दवानी में यह आम हो रही है, जहां लोग अनजाने में बीमारी को नजरअंदाज कर देते हैं। समय पर जांच से स्थिति नियंत्रित हो सकती है।

निदान और शुरुआती लक्षण

ब्लड टेस्ट, अल्ट्रासाउंड, फाइब्रोस्कैन से फैट का पता चलता है; लक्षणों में थकान, पेट दर्द शामिल। डॉ. राजेश डे जैसे विशेषज्ञों का कहना है कि रूटीन चेकअप जरूरी है।

रोकथाम के प्रभावी उपाय

वजन घटाएं, रोज 30-45 मिनट व्यायाम करें।

संतुलित आहार लें: हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज; जंक फूड-शराब से परहेज।

डायबिटीज कंट्रोल रखें और नियमित जांच कराएं

घरेलू नुस्खे लिवर डिटॉक्स के लिए

सुबह गुनगुना नींबू पानी पिएं।

त्रिफला, गिलोय, आंवला या हल्दी दूध का सेवन करें।

नारियल पानी और छाछ लिवर को ठंडक दें। ये उपाय शुरुआती फैटी लिवर में सहायक हैं।

गंभीर जोखिम और इलाज

बिना ध्यान दिए यह सिरोसिस, पीलिया, एस्काइटिस या कैंसर का रूप ले सकता है। अंतिम चरण में लिवर ट्रांसप्लांट जरूरी; इसलिए जागरूकता महत्वपूर्ण।

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