उत्तराखण्ड
ABDM वर्कशॉप से सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज को मिलेगा मॉडल फैसिलिटी का दर्जा

कार्यशाला का उद्देश्य ABDM इकोसिस्टम के तहत स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटलीकरण और सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज को “मॉडल फैसिलिटी” के रूप में विकसित करना बताया गया। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण (SHA) की टीम — प्रज्ञा पालीवाल, अमृत पोखरियाल, अंकुर यादव एवं हार्दिक उपाध्याय — ने कार्यशाला में तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया।
प्रशिक्षण में हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री (HPR), हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (HFR), स्कैन एंड शेयर सुविधा तथा ABDM कंप्लायंट HMIS के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों और स्टाफ को ABDM से जुड़ने, डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड बनानें और ABDM-फ्रेंडली HMIS का उपयोग करके मरीजों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम में डॉ. गोविन्द सिंह तितियाल (प्रधानाचार्य, सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज), डॉ. स्वेता भंडारी (अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी), द्रौपदी गर्बयाल (सहायक निदेशक), आर. के. जोशी (वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी), डॉ. मणीभूषण पंत, समस्त प्रभारी चिकित्सा अधिकारीगण के साथ-साथ एनआईसी और सरकारी व निजी अस्पतालों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। जिला स्तर पर सभी स्वास्थ्य इकाइयों को ABDM से जोड़ने पर जोर दिया गया जिससे मरीजों की देखभाल में पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ेगी।
जिला प्रशासन का कहना है कि जल्द ही सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज को ABDM के मानदंडों के अनुरूप विकसित कर मॉडल फैसिलिटी के रूप में स्थापित करने के लिए कार्ययोजना लागू की जाएगी। इससे अस्पताल में डिजिटल रिकॉर्डिंग, रोगी पहचान और सेवाओं की पहुँच दोनों में सुधार आने की उम्मीद है।
आयोजक: चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, जनपद नैनीताल
