उत्तराखण्ड
12 और निजी विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस, अभिभावकों पर आर्थिक बोझ डालने पर जिला प्रशासन सख्त
हल्द्वानी, 
नोटिस जारी होने वाले विद्यालयों में सेंट लॉरेंस स्कूल देवलचौड़, दीक्षांत इंटरनेशनल स्कूल, केवीएम पब्लिक स्कूल हीरानगर, माउंट लीटेरा जी स्कूल रामपुर रोड, दिल्ली पब्लिक स्कूल रामपुर रोड, ओरम द ग्लोबल स्कूल, जस गोविन स्कूल, डीएवी स्कूल, नैनी वैली स्कूल, गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल, शिवालिक इंटरनेशनल स्कूल और टीआरवी स्कूल बरेली रोड शामिल हैं।
जांच में सामने आया कि कई विद्यालय एनसीईआरटी पुस्तकों के अतिरिक्त अत्यधिक महंगी निजी प्रकाशनों की पुस्तकें अनिवार्य कर रहे थे। कुछ विद्यालयों द्वारा विशिष्ट विक्रेताओं से पुस्तकें और अन्य शिक्षण सामग्री खरीदने का अप्रत्यक्ष दबाव बनाए जाने की भी शिकायतें मिली हैं। साथ ही, विद्यालयों की वेबसाइट पर पुस्तक सूची, शुल्क संरचना और अन्य अनिवार्य सूचनाओं का पूरा प्रकटीकरण नहीं किया गया था।
प्रशासन ने इसे बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 तथा उच्च न्यायालय के आदेशों के विपरीत माना है। मुख्य शिक्षा अधिकारी ने विद्यालयों को 15 दिवस के भीतर संशोधित पुस्तक सूची जारी करने, एनसीईआरटी पुस्तकों को प्राथमिकता देने, विक्रेता-विशेष की बाध्यता समाप्त करने और वेबसाइट पर पूरी जानकारी प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही पूर्व में खरीदी गई अनावश्यक पुस्तकों के संबंध में धनवापसी या समायोजन करने तथा शिक्षण शुल्क के अतिरिक्त वसूले गए अवांछित शुल्कों को आगामी महीनों की फीस में समायोजित करने को कहा गया है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर विकासखंड स्तरीय संयुक्त जांच समिति गठित की गई है, जो 15 दिनों के भीतर अपनी जांच आख्या प्रस्तुत करेगी। निर्धारित समयसीमा में आदेशों का अनुपालन न होने पर संबंधित विद्यालयों के विरुद्ध मान्यता निलंबन या निरस्तीकरण सहित विधिक और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व हल्द्वानी, लालकुआं, रामनगर, भवाली और भीमताल क्षेत्र के 89 विद्यालयों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अब तक नोटिस प्राप्त करने वाले निजी विद्यालयों की कुल संख्या 101 हो गई है।

