उत्तराखण्ड
उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह लैंसडाउन पहुंचे, पूर्व सैनिकों को समर्पित किए पर्यावरण उद्यान व झील

राज्यपाल ने अपने कार्यक्रम की शुरुआत वॉर मेमोरियल पहुंचकर की, जहां उन्होंने राष्ट्र की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। राज्यपाल आठ मई को सुबह करीब 10:15 बजे सेना के परेड मैदान पहुंचे और युद्ध स्मारक में वीर सैनिक की प्रतिमा पर शहीदों का स्मरण किया
इसके उपरांत राज्यपाल सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों के साथ आयोजित सैनिक सम्मेलन में शामिल हुए। सम्मेलन में वीर माताओं, वीर नारियों एवं सैन्य परिवारों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को भावनात्मक एवं गौरवपूर्ण स्वरूप प्रदान किया। जैसे ही वीर नारियां मंच पर पहुंचीं, पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और उपस्थित सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं नागरिकों ने खड़े होकर उनका सम्मान किया ।
राज्यपाल द्वारा गढ़वाल राइफल्स केंद्र को उत्कृष्ट योगदान एवं गौरवशाली सैन्य परंपराओं के सम्मान स्वरूप विशेष ट्रॉफी प्रदान की गयी। इस अवसर पर राज्यपाल ने गढ़वाल राइफल्स की वीरता, अनुशासन एवं राष्ट्र सेवा की भावना की सराहना करते हुए कहा कि यह रेजिमेंट देश की सुरक्षा, शौर्य और बलिदान की अमिट पहचान रही है
139 वर्ष पुरानी गढ़वाल राइफल्स देश का गौरव
राज्यपाल ने कहा कि “उत्तराखंड वीर सैनिकों की भूमि है, जहां लगभग प्रत्येक परिवार का सेना से जुड़ाव रहा है। 139 वर्ष पूर्ण कर चुकी गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंट देश के लिए गौरव का विषय है तथा इस सैन्य केंद्र ने देश के चरित्र निर्माण, अनुशासन एवं राष्ट्र सेवा की भावना को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है”
राज्यपाल ने वीर नारियों को राष्ट्र की शक्ति और सम्मान का प्रतीक बताते हुए कहा कि सैनिकों के त्याग और बलिदान के पीछे उनके परिवारों, विशेष रूप से वीर नारियों का अद्वितीय साहस और धैर्य होता है। उन्होंने कहा कि देश सदैव शहीदों के बलिदान और उनके परिवारों के योगदान का ऋणी रहेगा
पूर्व सैनिक पर्यावरण उद्यान और गौरव सेनानी झील जनता को समर्पित
राज्यपाल ने अपने दौरे के दौरान गढ़वाल राइफल्स के सौजन्य से निर्मित पूर्व सैनिक पर्यावरण उद्यान और गौरव सेनानी झील का विधिवत उद्घाटन किया और इसे जनता को समर्पित कर दिया। उन्होंने नारियल तोड़कर, रिबन काटकर और नाम पट्टिका का अनावरण कर इनका लोकार्पण किया �।
राज्यपाल ने कहा कि “पर्यटन नगरी में गौरव सेनानी झील बनने से निकट भविष्य में जलसंरक्षण को बल मिलेगा”। यह झील वीर गढ़वाली सैनिकों को श्रद्धांजलि स्वरूप समर्पित है और इसका उद्देश्य बरसात के पानी का संरक्षण करना है ।
सैनिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आज का दिन उनके लिए अत्यंत आत्मिक एवं सौभाग्यपूर्ण क्षण है। उन्होंने कहा कि सेना में बिताए उनके 40 वर्षों का अनुभव भगवान बद्री विशाल की कृपा एवं आशीर्वाद का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सैनिक जीवन अनुशासन, समर्पण एवं राष्ट्रभक्ति का सर्वोच्च उदाहरण है और भारतीय सेना सदैव देश की सुरक्षा एवं गौरव की प्रतीक रही है
लैंसडाउन के शहीद भवानी दत्त जोशी परेड ग्राउंड पर राज्यपाल का स्वागत जिलाधिकारी श्रीमति स्वाति एस भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, और सेंटर कमांडेंट ब्रिगेडियर विनोद नेगी ने किया। इस दौरान सुरक्षा बलों की ओर से राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया
इस अवसर पर सेंटर सूबेदार मेजर नंद किशोर सहित सेवारत सैनिक, भूतपूर्व सैनिक, वीर माताएं तथा वीर नारियां एवं समीक्षा बैठक में डीएफओ कालागढ़ एस तरुण, एएसपी मनोज कुमार ठाकुर, सीओ कोटद्वार निहारिका सेमवाल, सीएमओ शिव मोहन शुक्ला, उपजिलाधिकारी शालिनी मौर्य, बीडीओ रवि सैनी, अधिशासी अभियंता लोनिवि लैंसडाउन विवेक कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे
राज्यपाल ने जनपद में संचालित विकास कार्यों एवं योजनाओं की समीक्षा भी की। भुल्ली सशक्तीकरण केंद्र, भुल्ला ताल सहित अन्य सैन्य स्थलों का भी भ्रमण किया। डीएफओ कालागढ़ एस तरुण, एएसपी मनोज कुमार ठाकुर, सीओ कोटद्वार निहारिका सेमवाल, सीएमओ शिव मोहन शुक्ला, उपजिलाधिकारी शालिनी मौर्य, बीडीओ रवि सैनी, अधिशासी अभियंता लोनिवि लैंसडाउन विवेक कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने विकास कार्यों की जानकारी दी

