उत्तराखण्ड
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, देहरादून परिसर में गढ़वाल क्षेत्र के अध्ययन केन्द्रों के लिए “क्षमता वर्धन कार्यशाला” आयोजित हुई।

देहरादून, 09 मई 2026। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय सेवा निदेशालय द्वारा विश्वविद्यालय परिसर, देहरादून में गढ़वाल क्षेत्र के अध्ययन केन्द्रों के लिए क्षमता वर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाना, अध्ययन केन्द्रों के संचालन को सुदृढ़ करना तथा मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा प्रणाली को जन-जन तक पहुँचाना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं कुलगीत के साथ हुआ। अध्यक्षता कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड राज्य उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष डॉ. देवेंद्र भसीन उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, मीडिया सलाहकार समिति, उत्तराखंड सरकार के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह तथा पूर्व निदेशक उच्च शिक्षा प्रो. सविता मोहन शामिल रहे।
डॉ. देवेंद्र भसीन ने विश्वविद्यालय के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि आने वाला समय मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा का है। उन्होंने विश्वविद्यालय को इंडस्ट्री–अकादमिक सहयोग के क्षेत्र में और प्रभावी कार्य करने का सुझाव दिया।
कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने विश्वविद्यालय की वर्तमान शैक्षिक गतिविधियों, उपलब्धियों तथा भविष्य की योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि रोजगार की आवश्यकता के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर इंडस्ट्रीयल अकादमिया सेल का गठन किया गया है।
प्रो. गोविंद सिंह ने मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह प्रणाली वर्तमान समय में अत्यंत प्रभावशाली भूमिका निभा रही है। प्रो. सविता मोहन ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और शिक्षकों की जिम्मेदारी पर जोर दिया। यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने विश्वविद्यालय की स्थापना से लेकर वर्तमान तक की प्रगति और आईसीटी व्यवस्था की सराहना की।
क्षेत्रीय सेवाएं निदेशालय की निदेशक प्रो. गिरिजा पाण्डेय ने कार्यशाला की रूपरेखा एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए अध्ययन केन्द्रों की स्थापना और संचालन से संबंधित यूजीसी–दूरस्थ शिक्षा ब्यूरो के विनियमों की जानकारी दी। कार्यशाला में प्रवेश प्रक्रिया, एमपीडीडी, परीक्षा प्रणाली, क्षेत्रीय सेवाएं, प्रचार-प्रसार, कार्यशालाएं तथा प्रायोगिक कार्यों से जुड़े सत्र आयोजित किए गए।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. एम.एम. जोशी ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव खेमराज भट्ट द्वारा प्रस्तुत किया गया। विश्वविद्यालय के अतिरिक्त क्षेत्रीय निदेशक प्रो. एम. एम. जोशी ने कहा कि यह कार्यशाला अध्ययन केन्द्रों के समन्वयकों और संबंधित अधिकारियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी।
इस अवसर पर गढ़वाल क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों के क्षेत्रीय निदेशक, सहायक क्षेत्रीय निदेशक, अध्ययन केंद्र समन्वयक, विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, अधिकारी तथा देहरादून परिसर के कार्मिक उपस्थित रहे।

