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उत्तराखण्ड

20 अगस्त को चमोली में ‘वार्तालाप’ क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला आयोजित करेगा पीआईबी देहरादून

गोपेश्वर (चमोली)।  सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), देहरादून की ओर से गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को चमोली जिले के गोपेश्वर स्थित जिला पंचायत सभागार में एक दिवसीय क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’ का आयोजन किया जाएगा। कार्यशाला में ग्रामीण एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में कार्यरत प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया कर्मी प्रतिभाग करेंगे।

‘वार्तालाप’ का उद्देश्य स्थानीय मीडिया और सरकार के बीच प्रभावी संवाद स्थापित करना है, ताकि केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, नीतियों और उपलब्धियों की प्रमाणिक एवं तथ्यपरक जानकारी समाज के अंतिम छोर तक पहुंचाई जा सके।

केंद्र सरकार की जनसेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस विशेष कार्यशाला में पिछले एक दशक से अधिक समय में देश के बुनियादी ढांचे तथा सामाजिक-आर्थिक क्षेत्र में हुए बदलावों पर भी चर्चा की जाएगी।

पीआईबी देहरादून के सहायक निदेशक संजीव सुंद्रियाल ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सरकार के सूचना तंत्र और स्थानीय मीडिया के बीच बेहतर एवं जीवंत संवाद स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में समय-समय पर ऐसी कार्यशालाएं आयोजित की जाती रहेंगी, ताकि पत्रकारों को केंद्र सरकार की योजनाओं की प्रगति और उनसे मिल रहे लाभ की सटीक जानकारी मिल सके।

कार्यशाला में महिला एवं किसान सशक्तिकरण, युवा शक्ति, स्वास्थ्य सेवाएं, जीआई टैग और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट से जुड़ी योजनाओं पर विशेष फोकस रहेगा। देश के विकास के चार प्रमुख स्तंभ—गरीब एवं वंचित वर्ग, किसान, युवा और महिला सशक्तिकरण—पर भी विस्तार से चर्चा होगी।

इस दौरान ई-20 ईंधन, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, स्वयं सहायता समूह, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, नशा मुक्त भारत अभियान, जीआई टैग तथा वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं एवं पहलों की जानकारी दी जाएगी।

कार्यशाला में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और अनुभवी पत्रकार प्रतिभाग करेंगे। विकासात्मक पत्रकारिता की भूमिका पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। साथ ही स्थानीय मीडिया कर्मियों को संबंधित विभागों के विषय-विशेषज्ञों और अधिकारियों से सीधे संवाद का अवसर मिलेगा, जिससे वे योजनाओं की कार्यप्रणाली और स्थानीय स्तर पर उनके प्रभाव को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।

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