उत्तराखण्ड
आगामी विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए वाटरलू साबित होंगे: धीरेंद्र प्रताप

भाजपा पर तीखा प्रहार: महिला वंदन बिल को बताया ‘ढकोसला’
धीरेंद्र प्रताप ने भाजपा पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि तथाकथित ‘महिला वंदन बिल’ केवल एक ढकोसला है। इसका वास्तविक लाभ महिलाओं तक नहीं पहुंच रहा। उन्होंने राज्य आंदोलनकारी के रूप में अपनी पृष्ठभूमि का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के साथ विश्वासघात हुआ है। आंदोलनकारियों के लिए बने संरक्षण कानून और 10% क्षैतिज आरक्षण को कमजोर किया गया है, जिससे हजारों परिवार ठगे हुए महसूस कर रहे हैं।
सरकार कैबिनेट में बड़े फैसलों का आश्वासन देती रही, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
राज्य की समस्याओं पर चिंता: भर्ती घोटाले से चारधाम हादसे तक
प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं में घोटाले, युवाओं के गायब होने की घटनाएं, चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों की मौतें—इन्हें धीरेंद्र प्रताप ने राज्य के लिए ‘चिंता और शर्म का विषय’ बताया।
अंकिता भंडारी हत्याकांड के दोषियों को कड़ी सजा की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि वीआईपी (VIP) का खुलासा होने तक आंदोलन जारी रहेगा। नैनीताल हाईकोर्ट में लंबित मुजफ्फरनगर कांड पर चेतावनी दी कि दोषियों को सजा न मिलने पर आंदोलनकारी चुप नहीं बैठेंगे।
UKD से विलय की अपील: भाजपा को हराने के लिए एकजुट हों
धीरेंद्र प्रताप ने उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) से अपील की कि भाजपा को हराने के लिए कांग्रेस में विलय पर विचार करें। दोनों दलों की विचारधारा में ज्यादा अंतर नहीं है। एकजुट होने पर भाजपा की हार निश्चित है। यदि UKD के विधायक जीत भी जाते हैं, तो भाजपा उन्हें कमजोर करने में देर नहीं लगाएगी, जैसा अन्य दलों के साथ हुआ।


