उत्तराखण्ड
मुनस्यारी में आईटीबीपी जवानों से मिले राज्यपाल, सीमा सुरक्षा में योगदान की सराहना

राज्यपाल ने कहा कि मुनस्यारी आकर आईटीबीपी के वीर जवानों, अधिकारियों और उनके परिवारों से मिलना उनके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि दुर्गम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जिस उच्च मनोबल, समर्पण और अनुशासन के साथ जवान देश की सीमाओं की सुरक्षा कर रहे हैं, वह पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने कहा कि जवानों का अटूट कर्तव्यबोध, राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण और कठिन मौसम में भी उनकी मुस्तैदी देश के प्रति उनकी निष्ठा को दर्शाती है। राज्यपाल ने कहा कि पूरे देश को अपने सुरक्षा बलों पर गर्व है।
राज्यपाल ने उत्तराखंड को वीरों की भूमि बताते हुए कहा कि यहां की गौरवशाली सैन्य परंपरा देश की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि सैनिक का जीवन केवल एक पेशा नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का सर्वोच्च संकल्प है और देश की सुरक्षा, विकास तथा समृद्धि जवानों के त्याग और सतत सजगता पर आधारित है।
इस अवसर पर राज्यपाल ने आईटीबीपी की 14वीं वाहिनी द्वारा सीमा सुरक्षा, रेस्क्यू अभियानों, लॉन्ग रेंज पेट्रोलिंग, हिमाद्री अभियान तथा ‘वाइब्रेंट विलेज’ जैसी पहलों में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की विशेष सराहना करते हुए अधिकारियों और जवानों को बधाई दी।
